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September 3, 2026, 12:00 am

सरोगेसी मदर क्या होती है और इसे आसान हिंदी में कैसे समझें?

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Parul Womens Hospital And IVF Center ✓ Verified doctor
03 September 2026

सरोगेसी को आसान भाषा में समझना हो तो यह एक ऐसा माध्यम है जहाँ कोई महिला चिकित्सीय कारणों से स्वयं गर्भधारण करने में असमर्थ दंपत्ति के लिए बच्चे को जन्म देती है। आईवीएफ (IVF) तकनीक द्वारा माता-पिता के अंडे और शुक्राणु से भ्रूण (Embryo) तैयार करके उस महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। इस प्रक्रिया में जो महिला बच्चे को 9 महीने अपने गर्भ में पालती है, उसे 'सरोगेट मदर' कहा जाता है। भारत के नए नियमों के तहत अब केवल जेस्टेशनल और परोपकारी (Altruistic) सरोगेसी ही मान्य है, जिसका अर्थ है कि सरोगेट मदर का बच्चे से कोई आनुवंशिक (DNA) संबंध नहीं होता। सरोगेसी से जुड़े कानूनी नियमों और अपनी व्यक्तिगत मेडिकल स्थिति को समझने के लिए हमेशा किसी प्रमाणित फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

For more, see क्या एम्स में आईवीएफ फ्री है?; consult Parul Womens Hospital And IVF Center; reference: NIH / NICHD.

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Dr. M Niharika ✓ Verified doctor
03 September 2026

सरोगेट मदर वह महिला होती हैं जो ऐसे दंपत्ति के लिए बच्चे को अपने गर्भ में रखती हैं, जो गर्भाशय की गंभीर समस्या, बार-बार गर्भपात या अन्य मेडिकल कारणों से खुद प्रेगनेंसी जारी नहीं रख सकते। इसे आसान शब्दों में समझें तो बच्चा आनुवंशिक रूप से माता-पिता का ही होता है, क्योंकि प्रयोगशाला में उनके ही भ्रूण को तैयार करके सरोगेट मदर के गर्भाशय में सुरक्षित रखा जाता है। प्रसव के तुरंत बाद बच्चा कानूनी तौर पर उसके माता-पिता को सौंप दिया जाता है। भारत में सरोगेसी के नियम बहुत कड़े हैं और यह केवल विशेष चिकित्सीय आवश्यकता के आधार पर ही संभव है। यदि आप इस प्रक्रिया पर विचार कर रहे हैं, तो अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स के साथ किसी फर्टिलिटी डॉक्टर से मिलकर व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।

For more, see क्या एम्स में आईवीएफ फ्री है?; consult Dr. M Niharika; reference: NIH / NICHD.

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Gunasheela Fertility - Mysore ✓ Verified doctor
03 September 2026

सरोगेसी एक आधुनिक प्रजनन तकनीक है जिसमें कोई अन्य महिला किसी निःसंतान दंपत्ति का बच्चा अपने गर्भ में धारण करती है। भारत में वर्तमान में 'जेस्टेशनल सरोगेसी' का ही प्रावधान है। इसमें पिता के स्पर्म और माता के अंडे से भ्रूण बनाकर सरोगेट मदर के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। इसलिए सरोगेट मदर केवल बच्चे को पोषण और जन्म देने का जरिया बनती हैं, उनका बच्चे से कोई जेनेटिक संबंध नहीं होता। यह उन महिलाओं के लिए एक मेडिकल विकल्प है जिनका गर्भाशय अस्वस्थ है या किन्हीं कारणों से निकाला जा चुका है। चूंकि भारत में सरोगेसी कानूनन केवल निस्वार्थ आधार पर स्वीकृत है, इसलिए इसकी पूरी प्रक्रिया, मेडिकल जांच और कानूनी शर्तों को समझने के लिए फर्टिलिटी विशेषज्ञ से विस्तृत सलाह लेना आवश्यक है।

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Nitin Hospital And IVF Centre ✓ Verified doctor
03 September 2026

आसान शब्दों में समझें तो सरोगेसी मदर वह महिला हैं जो किसी ऐसे जोड़े के लिए मातृत्व का सफर पूरा करती हैं, जो खुद बच्चा पैदा करने में असमर्थ हैं। जब गर्भाशय की कमजोरी या किसी गंभीर बीमारी के चलते गर्भधारण जोखिम भरा होता है, तब आईवीएफ की मदद से माता-पिता का भ्रूण सरोगेट मदर की कोख में प्रत्यारोपित किया जाता है। जन्म के बाद बच्चे के सभी कानूनी और स्वाभाविक अधिकार उसके असली माता-पिता के ही होते हैं। भारत के सरोगेसी रेगुलेशन एक्ट के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी नियमों और मेडिकल बोर्ड की अनुमति के तहत ही की जा सकती है। यदि आपके मन में सरोगेसी की आवश्यकता को लेकर कोई सवाल है, तो किसी अनुभवी फर्टिलिटी डॉक्टर से व्यक्तिगत जांच और सलाह लेना ही सबसे सही कदम है।

For more, see क्या एम्स में आईवीएफ फ्री है?; consult Nitin Hospital And IVF Centre; reference: NIH / NICHD.

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Janam Fertility Centre ✓ Verified doctor
03 September 2026

सरोगेसी मातृत्व का एक ऐसा रूप है जहाँ एक महिला किसी अन्य परिवार के लिए बच्चे को 9 महीने तक अपने गर्भ में सुरक्षित रखती है। इसे आसान हिंदी में एक चिकित्सीय और कानूनी सहयोग कहा जा सकता है। इसमें आईवीएफ तकनीक के जरिए दंपत्ति का भ्रूण तैयार कर सरोगेट मदर के गर्भाशय में विकसित किया जाता है, जिससे बच्चे का आनुवंशिक रूप से सरोगेट मदर से कोई संबंध नहीं रहता। भारत के नियमों के तहत अब केवल आवश्यक चिकित्सीय परिस्थितियों में और बिना किसी व्यावसायिक लाभ (परोपकारी रूप) के ही सरोगेसी की अनुमति है। हर मरीज की शारीरिक स्थिति और कारण अलग होते हैं, इसलिए किसी भी निर्णय पर पहुँचने से पहले अपने फर्टिलिटी विशेषज्ञ से व्यक्तिगत जांच और सही विकल्पों पर विस्तार से चर्चा करें।

For more, see क्या एम्स में आईवीएफ फ्री है?; consult Janam Fertility Centre; reference: NIH / NICHD.

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