पीरियड्स लेट होने के कारण | पीरियड मिस क्यों होता है | लक्षण और उपाय
आज के समय में पीरियड्स लेट होना महिलाओं और लड़कियों के बीच एक आम समस्या बन चुका है। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव, असंतुलित खान-पान और हार्मोनल बदलाव इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। कई बार 1–2 दिन की देरी सामान्य होती है, लेकिन जब पीरियड्स बार-बार देर से आने लगें, तो यह शरीर के भीतर किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि पीरियड्स लेट होने का मतलब क्या है, इसके मुख्य कारण कौन-से हैं, शादीशुदा और अविवाहित महिलाओं में इसके कारणों में क्या अंतर होता है, घरेलू उपाय क्या हैं और किन स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
कई महिलाओं में पीरियड्स का बार-बार लेट होना हार्मोनल असंतुलन, PCOS या ओव्यूलेशन की समस्या का संकेत हो सकता है, जिससे गर्भधारण में भी कठिनाई आती है। यदि लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी प्रेग्नेंसी न ठहरे, तो सरोगेसी एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प बन सकती है। ऐसे में भारत में सरोगेसी की लागत और बैंगलोर में सरोगेसी की लागत की जानकारी लेकर सही फैसिलिटी और क्लिनिक का चुनाव करना फायदेमंद हो सकता है।
पीरियड्स लेट होने का मतलब क्या है?
जब किसी महिला का मासिक धर्म चक्र अपने तय समय से 5 से 7 दिन या उससे अधिक देर से शुरू होता है, तो इसे पीरियड्स लेट होना कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका पीरियड आमतौर पर हर महीने 28–30 दिन में आता है और इस बार 35–40 दिन हो चुके हैं, तो यह स्थिति लेट पीरियड की मानी जाती है।
हालाँकि कभी-कभी हल्की देरी सामान्य हो सकती है, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होने लगे, तो इसके कारणों को समझना और समय पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है।
पीरियड्स लेट होने के लक्षण (Periods Late Symptoms in Hindi)
पीरियड्स लेट होने पर शरीर में कुछ ऐसे संकेत दिखाई देते हैं, जो मासिक धर्म की अनियमितता की ओर इशारा करते हैं। इन लक्षणों को समय पर पहचानना जरूरी होता है।
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पीरियड्स मिस होना या देर से आना – तय समय पर पीरियड्स न आना इसका सबसे आम लक्षण है।
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पेट के निचले हिस्से में दर्द या क्रैम्प्स – पीरियड्स न आने के बावजूद दर्द महसूस होना।
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मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन – हार्मोनल बदलाव के कारण मूड बार-बार बदलना।
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स्तनों में दर्द या भारीपन – पीरियड्स लेट होने पर ब्रेस्ट टेंडरनेस होना।
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थकान और कमजोरी महसूस होना – बिना ज्यादा काम किए भी शरीर का थका हुआ महसूस होना।
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मुंहासे और स्किन प्रॉब्लम्स – हार्मोनल असंतुलन के कारण चेहरे पर पिंपल्स आना।
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पेट फूलना या गैस की समस्या – पीरियड्स लेट होने पर ब्लोटिंग होना।
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मतली या जी मिचलाना – खासकर जब पीरियड्स लेट और प्रेग्नेंसी कन्फ्यूजन हो।
अगर ये पीरियड्स लेट होने के लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
पीरियड्स लेट होने के मुख्य कारण
पीरियड्स देर से आने के पीछे कई शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था)
शादीशुदा महिलाओं में पीरियड्स लेट होने का सबसे आम कारण प्रेग्नेंसी होता है। यदि आपने हाल ही में असुरक्षित संबंध बनाए हैं और पीरियड्स मिस हो गए हैं, तो सबसे पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाना चाहिए।
अन्य संभावित लक्षण:
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उल्टी या मतली
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लगातार थकान महसूस होना
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स्तनों में दर्द या भारीपन
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बार-बार पेशाब आना
तनाव और मानसिक दबाव
अधिक तनाव लेने से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ओव्यूलेशन प्रभावित होता है और पीरियड्स देर से आ सकते हैं।
तनाव के सामान्य कारण:
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काम का अधिक दबाव
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नींद की कमी
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पारिवारिक समस्याएँ
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पढ़ाई, एग्जाम या करियर से जुड़ा स्ट्रेस
तनाव पीरियड्स लेट होने का एक बड़ा और आम कारण माना जाता है।
हार्मोनल असंतुलन
एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करते हैं, और इनके असंतुलन से पीरियड्स देर से, कम या ज्यादा हो सकते हैं।
PCOS / PCOD की समस्या
आजकल कई महिलाओं में PCOS या PCOD की समस्या देखी जा रही है, जिसमें हार्मोनल गड़बड़ी के कारण पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।
PCOS के आम लक्षण:
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पीरियड्स बार-बार लेट होना
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चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल आना
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वजन तेजी से बढ़ना
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मुंहासों की समस्या
PCOS पीरियड्स लेट होने का एक गंभीर कारण हो सकता है।
वजन का अचानक बढ़ना या घटना
वजन का अचानक बढ़ना या बहुत तेजी से कम होना हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करता है, जिससे पीरियड्स देर से आ सकते हैं।
मुख्य कारण:
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बहुत ज्यादा डाइटिंग
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क्रैश डाइट
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मोटापा
थायरॉइड की समस्या
थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन भी मासिक चक्र को प्रभावित करता है।
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हाइपोथायरॉइड में पीरियड्स देर से आते हैं
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हाइपरथायरॉइड में पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं
ज्यादा एक्सरसाइज या थकान
जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने या लगातार शारीरिक थकान रहने से शरीर में फैट कम हो जाता है, जिससे हार्मोनल गड़बड़ी हो सकती है।
यह समस्या खासकर इनमें देखी जाती है:
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एथलीट
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बहुत ज्यादा जिम ट्रेनिंग करने वाली महिलाएँ
गलत खान-पान और लाइफस्टाइल
गलत खान-पान और खराब दिनचर्या भी पीरियड्स लेट होने की एक बड़ी वजह बन सकती है।
जैसे:
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जंक और फास्ट फूड
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ज्यादा कैफीन या शराब
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देर रात तक जागना
दवाइयों का साइड इफेक्ट
कुछ दवाइयाँ, जैसे हार्मोनल पिल्स, एंटी-डिप्रेसेंट या थायरॉइड से जुड़ी दवाइयाँ, मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकती हैं।
उम्र से जुड़ी समस्याएं (टीनएज / मेनोपॉज)
टीनएज में हार्मोन पूरी तरह स्थिर नहीं होते और 40–45 साल की उम्र के बाद मेनोपॉज की शुरुआत होने लगती है, इसलिए इन दोनों स्थितियों में पीरियड्स लेट होना सामान्य माना जाता है।
शादीशुदा महिलाओं में पीरियड्स लेट होने के कारण
शादीशुदा महिलाओं में पीरियड्स लेट होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे आम कारण गर्भावस्था से जुड़ा होता है।
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प्रेग्नेंसी: असुरक्षित संबंध के बाद पीरियड्स लेट होना गर्भावस्था का संकेत हो सकता है।
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गर्भनिरोधक गोलियाँ: बर्थ कंट्रोल पिल्स शुरू करने या बंद करने से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे पीरियड्स देर से आ सकते हैं।
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PCOS: इस स्थिति में हार्मोनल असंतुलन के कारण ओव्यूलेशन प्रभावित होता है और पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं।
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थायरॉइड की समस्या: थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन मासिक चक्र को बिगाड़ सकता है।
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तनाव: शारीरिक या मानसिक तनाव हार्मोन को प्रभावित कर पीरियड्स लेट कर सकता है।
इसलिए शादीशुदा महिलाओं में पीरियड्स लेट होने पर सबसे पहले प्रेग्नेंसी को कन्फर्म करना जरूरी होता है।
अविवाहित लड़कियों में पीरियड्स लेट होने के कारण
अविवाहित लड़कियों में पीरियड्स लेट होना अक्सर हार्मोनल और लाइफस्टाइल से जुड़ा होता है।
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हार्मोनल बदलाव: किशोरावस्था और शुरुआती उम्र में हार्मोन पूरी तरह स्थिर नहीं होते, जिससे पीरियड्स देर से आ सकते हैं।
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तनाव: पढ़ाई, करियर या पारिवारिक तनाव मासिक चक्र को प्रभावित कर सकता है।
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वजन में बदलाव: वजन का अचानक बढ़ना या कम होना हार्मोनल संतुलन बिगाड़ देता है।
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PCOD: इस समस्या में ओव्यूलेशन अनियमित हो जाता है, जिससे पीरियड्स बार-बार लेट होते हैं।
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गलत लाइफस्टाइल: जंक फूड, नींद की कमी और फिजिकल एक्टिविटी की कमी भी इसका कारण बन सकती है।
अविवाहित लड़कियों में पीरियड्स लेट होना आम है, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही हो, तो जांच करवाना जरूरी होता है।
पीरियड्स कितने दिन लेट होना नॉर्मल है?
हर महिला का मासिक चक्र अलग होता है, इसलिए कुछ दिनों की देरी सामान्य मानी जाती है।
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1–3 दिन: पूरी तरह सामान्य और चिंता की बात नहीं
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4–7 दिन: कभी-कभी सामान्य हो सकता है, खासकर तनाव या लाइफस्टाइल बदलाव के कारण
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7 दिन से ज्यादा: इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और कारण जानना जरूरी होता है
अगर पीरियड्स हर महीने 7–10 दिन तक लेट हो रहे हैं, तो किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
बार-बार पीरियड्स लेट हों तो क्या करें?
अगर पीरियड्स बार-बार देर से आ रहे हैं, तो कुछ जरूरी आदतों पर ध्यान देना बहुत फायदेमंद हो सकता है।
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पीरियड ट्रैकर ऐप का इस्तेमाल करें, जिससे आपके मासिक चक्र का पैटर्न समझना आसान होता है।
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संतुलित और पोषक आहार लें, ताकि हार्मोनल संतुलन बना रहे।
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रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें, जैसे वॉक या योग, जिससे शरीर एक्टिव रहता है।
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तनाव कम करने की कोशिश करें, क्योंकि मानसिक तनाव पीरियड्स लेट होने का बड़ा कारण है।
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पर्याप्त नींद लें, ताकि शरीर को सही तरह से रिकवरी का समय मिल सके।
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डॉक्टर से हार्मोन टेस्ट करवाएं, अगर समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
समय पर ध्यान देने से पीरियड्स से जुड़ी कई समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।
पीरियड्स जल्दी लाने के घरेलू उपाय
नोट: ये घरेलू उपाय केवल तब अपनाएं जब प्रेग्नेंसी न हो।
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अदरक की चाय – अदरक ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर मासिक धर्म को नियमित करने में मदद करता है।
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तिल और गुड़ – तिल और गुड़ का सेवन हार्मोन संतुलन को बेहतर बनाकर पीरियड्स जल्दी लाने में सहायक होता है।
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हल्दी वाला दूध – हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मासिक धर्म को नियमित करने में मदद कर सकते हैं।
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पपीता – कच्चा पपीता या पपीता का जूस ओव्यूलेशन को बढ़ावा देकर पीरियड्स जल्दी आने में सहायक होता है।
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गर्म पानी से स्नान – गर्म पानी से स्नान करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मासिक धर्म आसान हो सकता है।
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योग और प्राणायाम – नियमित योग और प्राणायाम हार्मोन संतुलन बनाए रखते हैं और तनाव कम करके पीरियड्स नियमित करते हैं।
इन सरल घरेलू उपायों को अपनाकर आप अपने मासिक चक्र को प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं।
पीरियड्स लेट होने से जुड़ी आम भ्रांतियां
1. ब्रेकडाउन या तनाव से हर बार पीरियड मिस होते हैं
भ्रांति: बहुत सारी महिलाएं सोचती हैं कि सिर्फ मानसिक तनाव या भावनात्मक दबाव से हर बार पीरियड मिस हो जाएगा।
सच्चाई: तनाव कभी-कभी पीरियड्स में देरी कर सकता है, लेकिन हर बार यह कारण नहीं होता। बार-बार मिस होने पर हार्मोनल या मेडिकल कारण जांचना जरूरी है।
2. पीरियड मिस होना हमेशा प्रेग्नेंसी का संकेत है
भ्रांति: पीरियड देर होने पर कई महिलाएं तुरंत सोचती हैं कि वह प्रेग्नेंट हैं।
सच्चाई: पीरियड मिस होना प्रेग्नेंसी का संकेत हो सकता है, लेकिन तनाव, हार्मोन असंतुलन, PCOS या दवाइयां भी इसकी वजह बन सकती हैं।
3. ज्यादा व्यायाम या वजन घटाने से हमेशा पीरियड्स बंद हो जाएंगे
भ्रांति: महिलाएं मानती हैं कि जिम या एक्सरसाइज करने से पीरियड्स हमेशा अनियमित हो जाते हैं।
सच्चाई: हल्की और नियमित एक्सरसाइज पीरियड्स को नियंत्रित करने में मदद करती है। केवल अत्यधिक वजन घटाना या अत्यधिक वर्कआउट पीरियड्स को प्रभावित कर सकता है।
4. पीरियड्स हमेशा हर महीने समान दिन पर आते हैं
भ्रांति: कई लोग सोचते हैं कि पीरियड्स हमेशा एक ही तारीख पर आएंगे।
सच्चाई: महिलाओं का मासिक चक्र अलग-अलग होता है और कभी-कभी 5–7 दिन की देरी नॉर्मल है।
5. हर अनियमित पीरियड गंभीर समस्या है
भ्रांति: पीरियड्स में थोड़ी देरी को गंभीर समझ लिया जाता है।
सच्चाई: कभी-कभार अनियमित पीरियड सामान्य है, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक लेट होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
6. दवाइयों से पीरियड्स हमेशा स्थायी रूप से प्रभावित होते हैं
भ्रांति: महिलाएं मानती हैं कि हार्मोनल दवाइयां लेने से पीरियड्स हमेशा अनियमित रहेंगे।
सच्चाई: दवाइयों का असर अस्थायी होता है और दवा बंद करने के बाद पीरियड्स सामान्य हो जाते हैं।
7. हार्मोनल असंतुलन सिर्फ उम्र बढ़ने पर होता है
भ्रांति: कुछ लोग सोचते हैं कि हार्मोनल इंबैलेंस केवल मेनोपॉज या 35+ उम्र में होता है।
सच्चाई: हार्मोनल असंतुलन किसी भी उम्र में हो सकता है, खासकर PCOS, थायरॉइड या तनाव के कारण।
यदि पीरियड्स बार-बार लेट हो रहे हैं और ओव्यूलेशन की समस्या के कारण गर्भधारण में दिक्कत आ रही है, तो IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक प्रभावी और सुरक्षित उपचार विकल्प हो सकता है। ऐसे में सही फर्टिलिटी क्लिनिक का चयन करना और दिल्ली में IVF की लागत तथा रांची में IVF की लागत की जानकारी लेना आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
कुछ स्थितियों में पीरियड्स लेट होना सामान्य नहीं माना जाता और डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी होता है।
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2 महीने से पीरियड्स न आएँ – लगातार मासिक धर्म न होना चिंता का कारण हो सकता है।
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बहुत ज्यादा दर्द – असामान्य पीरियड दर्द या क्रैम्प्स डॉक्टर को दिखाने की जरूरत बताते हैं।
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अत्यधिक ब्लीडिंग – ज्यादा खून आना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
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PCOS के लक्षण – चेहरे पर ज्यादा बाल, वजन बढ़ना, बार-बार लेट पीरियड्स आदि।
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प्रेग्नेंसी कन्फ्यूजन – अगर शंका हो कि पीरियड्स मिस होने का कारण गर्भावस्था हो सकता है।
इनमें से किसी भी स्थिति में समय पर डॉक्टर से मिलना आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी है।
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निष्कर्ष
पीरियड्स लेट होना हर महिला के जीवन में कभी-न-कभी होता है। 2–3 दिन की देरी सामान्य है, लेकिन अगर समस्या बार-बार हो रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही लाइफस्टाइल, संतुलित आहार और समय पर डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
FAQs
1. पीरियड कितने दिनों तक लेट हो सकता है?
आमतौर पर 5–7 दिन तक पीरियड लेट होना सामान्य माना जाता है, लेकिन इससे ज्यादा देरी पर जांच जरूरी है।
https://www.healthline.com/health/how-late-can-a-period-be
2. अगर पीरियड लेट आए तो क्या करना चाहिए?
पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करें, तनाव कम करें और 7–10 दिन से ज्यादा देरी हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
https://www.healthline.com/health/womens-health/why-is-my-period-late
3. बिना प्रेग्नेंट हुए पीरियड कितना लेट हो सकता है?
बिना प्रेग्नेंसी के भी हार्मोन या तनाव के कारण पीरियड 10–15 दिन तक लेट हो सकता है।
https://www.apollo247.com/health-topics/general-medical-consultation/maximum-period-delay-without-pregnancy
4. तुरंत पीरियड लाने के लिए क्या खाएं?
अदरक, तिल, गुड़ और गर्म पानी पीने से कभी-कभी पीरियड आने में मदद मिलती है।
https://www.verywellhealth.com/how-to-induce-period-7253490
5. क्या तनाव से पीरियड लेट हो सकते हैं?
हाँ, ज्यादा मानसिक तनाव हार्मोन को प्रभावित करता है जिससे पीरियड देर से आते हैं।
https://www.healthline.com/health/stress/stress-and-periods
6. क्या वजन बढ़ने से पीरियड लेट होता है?
अचानक वजन बढ़ने से हार्मोन असंतुलन होता है, जिससे पीरियड साइकिल बिगड़ सकती है।
https://www.healthline.com/health/womens-health/weight-gain-and-periods
7. वजन कम होने से पीरियड क्यों रुक जाते हैं?
बहुत ज्यादा वजन कम होने पर शरीर एस्ट्रोजन कम बनाता है, जिससे पीरियड लेट होते हैं।
https://www.healthline.com/health/amenorrhea
8. क्या PCOS में पीरियड्स लेट होते हैं?
हाँ, PCOS में ओवुलेशन अनियमित होता है, इसलिए पीरियड्स देर से या महीनों तक नहीं आते।
https://www.healthline.com/health/polycystic-ovary-disease
9. शादी के बाद पीरियड लेट होना नॉर्मल है?
शादी के बाद लाइफस्टाइल और हार्मोन बदलाव से कुछ समय तक पीरियड लेट हो सकते हैं।
https://www.healthline.com/health/womens-health/late-period-after-marriage
10. क्या थायराइड से पीरियड लेट होते हैं?
हाँ, हाइपोथायराइड और हाइपरथायराइड दोनों में पीरियड अनियमित हो सकते हैं।
https://www.healthline.com/health/thyroid/thyroid-and-periods
11. क्या ज्यादा एक्सरसाइज से पीरियड मिस हो सकते हैं?
बहुत ज्यादा वर्कआउट करने से शरीर पर दबाव बढ़ता है, जिससे पीरियड रुक सकते हैं।
https://www.healthline.com/health/fitness/exercise-and-menstrual-cycle
12. क्या जंक फूड पीरियड लेट करता है?
हाँ, जंक फूड हार्मोन बैलेंस बिगाड़ता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।
https://www.healthline.com/health/food-nutrition/diet-and-menstrual-cycle
13. पीरियड लेट होने पर प्रेग्नेंसी टेस्ट कब करें?
पीरियड मिस होने के 7 दिन बाद प्रेग्नेंसी टेस्ट करना सबसे सही रहता है।
https://www.healthline.com/health/pregnancy/when-to-take-pregnancy-test
14. क्या दवाइयों से पीरियड लेट हो सकता है?
हाँ, हार्मोनल दवाइयाँ और बर्थ कंट्रोल पिल्स पीरियड साइकिल बदल सकती हैं।
https://www.healthline.com/health/birth-control/side-effects
15. टीनएज में पीरियड लेट होना नॉर्मल है?
किशोरावस्था में हार्मोन स्थिर नहीं होते, इसलिए पीरियड लेट होना आम है।
https://www.healthline.com/health/puberty/irregular-periods-teens
16. क्या पीरियड मिस होना खतरनाक है?
कभी-कभी नहीं, लेकिन बार-बार मिस होना किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।
https://www.jansatta.com/lifestyle/how-much-delay-in-periods-is-normal-know-when-it-can-be-serious-problem/2411250/
17. पीरियड कितने दिन लेट हो तो डॉक्टर को दिखाएं?
अगर पीरियड 2 महीने से ज्यादा न आएं तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।
https://www.jansatta.com/health-news-hindi/how-many-days-delay-is-ok-in-periods-how-much-period-delay-is-safe-know-from-expert/3671800/
18. क्या नींद की कमी से पीरियड लेट होता है?
हाँ, नींद की कमी हार्मोन असंतुलन पैदा कर सकती है।
https://www.healthline.com/health/sleep/sleep-and-menstrual-cycle
19. क्या पीरियड लेट होने से कमजोरी आती है?
लंबे समय तक पीरियड अनियमित रहने से थकान और कमजोरी हो सकती है।
https://www.healthline.com/health/fatigue/period-fatigue
20. पीरियड नियमित करने के लिए क्या करें?
संतुलित आहार, नियमित नींद और तनाव कम करने से पीरियड सुधरते हैं।
https://www.healthline.com/health/womens-health/irregular-period-treatment
21. क्या गर्म पानी पीने से पीरियड आता है?
गर्म पानी से शरीर रिलैक्स होता है, जिससे कभी-कभी पीरियड आने में मदद मिलती है।
https://www.verywellhealth.com/how-to-induce-period-7253490
22. क्या मेनोपॉज से पहले पीरियड लेट होते हैं?
हाँ, 40 की उम्र के बाद मेनोपॉज से पहले पीरियड अनियमित होना सामान्य है।
https://www.healthline.com/health/menopause/irregular-periods
23. क्या एनीमिया से पीरियड लेट हो सकता है?
हाँ, खून की कमी हार्मोन को प्रभावित कर सकती है।
https://www.healthline.com/health/anemia/anemia-and-periods
24. क्या कोविड या बीमारी के बाद पीरियड लेट होते हैं?
हाँ, बीमारी या इम्यून स्ट्रेस से पीरियड साइकिल बदल सकती है।
https://www.healthline.com/health/covid-period-changes
25. क्या बार-बार पीरियड लेट होना PCOS का संकेत है?
लगातार अनियमित पीरियड PCOS का आम लक्षण हो सकता है।
https://www.healthline.com/health/polycystic-ovary-disease
26. क्या पीरियड लेट होने से पेट दर्द होता है?
पीरियड आने से पहले हार्मोन बदलाव के कारण पेट दर्द हो सकता है।
https://www.healthline.com/health/period-cramps
27. क्या डिप्रेशन से पीरियड मिस हो सकता है?
हाँ, डिप्रेशन हार्मोन और ओवुलेशन को प्रभावित करता है।
https://www.healthline.com/health/depression/depression-and-periods
28. क्या आयुर्वेदिक दवाओं से पीरियड आते हैं?
कुछ आयुर्वेदिक उपाय मदद कर सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
https://www.healthline.com/health/alternative-medicine/ayurvedic-treatment-periods
29. क्या पीरियड लेट होने से चेहरे पर पिंपल आते हैं?
हार्मोन असंतुलन से पीरियड लेट होते हैं और पिंपल भी बढ़ सकते हैं।
https://www.healthline.com/health/acne/acne-and-periods
30. क्या पीरियड लेट होना हमेशा प्रेग्नेंसी का संकेत है?
नहीं, तनाव, हार्मोन और बीमारी भी पीरियड लेट होने के कारण हो सकते हैं।
https://www.parents.com/pregnancy/signs/symptoms/7-reasons-for-a-late-period-other-than-pregnancy/