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महिलाओं में एनीमिया के लक्षण | खून की कमी थकान | चक्कर और कमजोरी

महिलाओं में एनीमिया के लक्षण | खून की कमी थकान | चक्कर और कमजोरी

Gynecologist & IVF Specialist, Vinsfertility Hospital 18+ Years Experience • 1,000+ Successful Live Births

भारत में बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं थकान, कमजोरी, चक्कर और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करती हैं, लेकिन अक्सर इन्हें रोज़मर्रा की व्यस्तता या तनाव का परिणाम मानकर अनदेखा कर दिया जाता है। कई मामलों में यह सामान्य थकावट नहीं होती, बल्कि शरीर में रक्त और पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। यही स्थिति आगे चलकर एनीमिया में बदल जाती है।

एनीमिया तब होता है जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं या उनमें मौजूद हीमोग्लोबिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाते। इससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचना कम हो जाता है और व्यक्ति जल्दी थकने लगता है। मासिक धर्म, गर्भावस्था, प्रसव के बाद रिकवरी, आहार में पोषण की कमी और कभी-कभी पाचन संबंधी समस्याओं के कारण महिलाओं में इसका खतरा अधिक पाया जाता है।

इस स्वास्थ्य समस्या के लक्षण बहुत साधारण दिख सकते हैं और धीरे-धीरे बढ़ते हैं। शुरुआत में हल्की कमजोरी, ध्यान भटकना या चक्कर जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन समय पर पहचान न होने पर यह सांस फूलने, दिल की धड़कन तेज होने और गर्भवती महिलाओं में बच्चे के विकास पर असर डालने जैसी गंभीर स्थिति तक पहुँच सकता है।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से उन लक्षणों को समझेंगे जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, कारण क्या होते हैं, कौन-सी जांच जरूरी है और कैसे सही आहार, सप्लीमेंट और जीवनशैली बदलाव के जरिए इसे नियंत्रित और रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य जागरूकता ही पहला कदम है, इसलिए अपने शरीर के संकेतों को समझना बेहद जरूरी है — खासकर महिलाओं के लिए, जो अक्सर अपनी जरूरत को सबसे अंत में रखती हैं।
 

गर्भवती महिलाओं में एनीमिया एक आम समस्या है, जो थकान, चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षण पैदा कर सकती है। अगर किसी महिला को बार-बार गर्भधारण में दिक़्क़त आती है या गर्भावस्था के दौरान खून की कमी गंभीर हो जाती है, तो भारत में सरोगेसी की लागत और बैंगलोर में सरोगेसी की लागत जानना और सही क्लिनिक का चयन करना मददगार हो सकता है। इससे सुरक्षित और स्वस्थ मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है।

 

महिलाओं में एनीमिया क्या है?

एनीमिया एक चिकित्सीय स्थिति है जिसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की संख्या या हिमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है।
हिमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाता है। जब यह कम हो जाता है, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और व्यक्ति थका-थका, कमजोर और कमज़ोर महसूस करने लगता है।

महिलाओं में यह समस्या खासकर सबसे आम है क्योंकि वे मासिक धर्म, गर्भावस्था और पोषण की कमी से अधिक प्रभावित होती हैं।


महिलाओं में एनीमिया अधिक क्यों होता है

1. मासिक धर्म के दौरान खून का बहाव
महिलाओं में हर महीने होने वाले रक्तस्राव से शरीर में आयरन की कमी जल्दी हो सकती है।

2. गर्भावस्था में बढ़ती जरूरत
गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे दोनों के लिए अतिरिक्त आयरन की आवश्यकता होती है, जिससे कमी का खतरा बढ़ता है।

3. आहार में पोषण की कमी
कई महिलाओं के भोजन में पर्याप्त आयरन, विटामिन B12 और फोलिक एसिड नहीं होता, जिससे एनीमिया होने का जोखिम बढ़ जाता है।

4. आयरन का अवशोषण न होना
कुछ महिलाओं में आयरन सही तरीके से पचता या अवशोषित नहीं होता, जिससे खून की कमी होती है।

इन सभी कारणों से महिलाओं में एनीमिया की संभावना पुरुषों की तुलना में अधिक होती है।


महिलाओं में एनीमिया के शुरुआती लक्षण

एनीमिया के शुरू के लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और इन्हें लोग अनदेखा कर देते हैं।

1. जल्दी थक जाना
थोड़ी मेहनत करने पर भी शरीर जल्दी थकने लगता है क्योंकि ऑक्सीजन की कमी होती है।

2. रोज़मर्रा के कामों में कमजोरी
साधारण कार्य जैसे चलना, उठना-बैठना या घर का काम करना कठिन लग सकता है।

3. हल्का चक्कर या चक्कर-सी महसूस होना
दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुँचने के कारण कभी-कभी संतुलन बिगड़ता है।

4. ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल
एकाग्रता में कमी और मानसिक थकान जल्दी महसूस होती है।

5. हल्का साँस फूलना
हल्की-सी मेहनत पर भी साँसें फूलने लगती हैं, जैसे सीढ़ियाँ चढ़ना या तेज़ चलना।

इन लक्षणों को अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है, इसलिए शुरुआती संकेत पहचानकर समय पर इलाज शुरू करना बहुत जरूरी है।


थकान से जुड़े एनीमिया लक्षण

1. लगातार थकान महसूस होना

महिलाओं में एनीमिया का सबसे आम लक्षण लगातार थकान है। क्योंकि शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है, ऊर्जा पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है। आप भले ही अच्छी नींद ले, लेकिन फिर भी दिनभर सुस्ती और थकान महसूस कर सकते हैं।

2. कमजोरी और ऊर्जा की कमी

ऐसा लगता है जैसे मांसपेशियाँ ठीक से काम नहीं कर रही हैं। भारी चीज उठाना, पैदल चलना या उठना बैठना भी मुश्किल लग सकता है।

3. थकान दूर करने के उपाय

  • आयरन समृद्ध आहार

  • विटामिन C के साथ आयरन का सेवन (जैसे नींबू/संतरे के साथ पालक)

  • डॉक्टर निर्देशित सप्लीमेंट

  • पर्याप्त नींद और विश्राम


चक्कर और सिरदर्द से जुड़े लक्षण

1. बार-बार चक्कर आना

एनीमिया में अक्सर चक्कर आना एक प्रमुख समस्या है। क्योंकि दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती, जिससे खून की कमी के कारण चक्कर आते हैं।

2. हल्का या तेज सिरदर्द

कभी-कभी सिर भारी या झनझनाहट जैसा महसूस हो सकता है। यह भी खून की कमी के कारण होता है।

3. चक्कर क्यों आते हैं

कम हिमोग्लोबिन
हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा घटती है।

दिमाग तक कम ऑक्सीजन
मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती, जिससे संतुलन प्रभावित होता है।

संतुलन बिगड़ता है
ऑक्सीजन की कमी के कारण शरीर का संतुलन सही से काम नहीं करता।

चक्कर आते हैं
इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप अचानक या बार-बार चक्कर महसूस होते हैं।

4. घरेलू राहत उपाय

धीरे-धीरे उठें
अचानक खड़े होने से चक्कर आने का खतरा बढ़ता है, इसलिए धीरे-धीरे उठें।

खूब पानी पिएं
पर्याप्त हाइड्रेशन दिमाग तक ऑक्सीजन और रक्त प्रवाह बनाए रखता है।

हल्का भोजन खाएं
भारी भोजन से शरीर थक सकता है, हल्का और पोषक आहार ऊर्जा बनाए रखता है।

संतुलित आहार लें
आयरन और विटामिन युक्त भोजन नियमित लेने से खून की कमी के लक्षण कम होते हैं।


शारीरिक और बाहरी संकेत

1. पीली त्वचा और होंठ

एनीमिया में त्वचा, होंठ और नाखूनों का रंग पीला पड़ सकता है क्योंकि रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होती है।

2. ठंडे हाथ-पैर

खून की कमी से शरीर के बाहरी हिस्सों तक तापमान कम हो जाता है, जिसके कारण हाथ और पैर अक्सर ठंडे रहते हैं।

3. नाखून कमजोर / टूटना

कोलेजन और आयरन की कमी के कारण नाखून कमजोर या टूटे-झड़े दिखाई दे सकते हैं।

4. बाल झड़ना

आयरन और अन्य पोषक तत्वों की कमी बालों को पोषण नहीं दे पाती, जिससे बाल झड़ते हैं।


सांस और हृदय से जुड़े लक्षण

1. सांस फूलना

कम ऑक्सीजन के कारण हल्की से हल्की मेहनत पर भी सांस फूल सकती है जैसे सीढ़ियाँ चढ़ना, तेज़ चलना आदि।

2. तेज़ धड़कन या दिल की धड़कन महसूस होना

दिल को शरीर में हीमोग्लोबिन के कम स्तर को पूरा करने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है

3. छाती में दर्द

कभी-कभी दिल को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ने पर हल्का दर्द या असहजता भी महसूस हो सकती है।
 

गर्भवती महिलाओं में एनीमिया के लक्षण

1. प्रेग्नेंसी में थकान
गर्भवती महिलाओं को सामान्य से अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए खून की कमी होने पर थकान तेज और लगातार महसूस हो सकती है।

2. पैरों में सूजन और भारीपन
एनीमिया के कारण रक्त प्रवाह सही नहीं होता, जिससे पैरों में सूजन, भारीपन या सुन्नपन महसूस हो सकता है।

3. सांस फूलना
हल्की-सी गतिविधि जैसे चलना या सीढ़ियाँ चढ़ना भी मुश्किल हो सकता है क्योंकि शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है।

4. दिल की तेज़ धड़कन
दिल को पर्याप्त रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल की धड़कन तेज महसूस होती है।

5. समय से पहले प्रसव का जोखिम
गंभीर एनीमिया होने पर गर्भकाल पूरा होने से पहले प्रसव हो सकता है और बच्चे का वजन कम रह सकता है।

6. शरीर का ठंडा महसूस होना
रक्त प्रवाह कम होने से हाथ-पैर ठंडे और शरीर अक्सर ठंडा महसूस कर सकता है।

7. बाल और नाखूनों का कमजोर होना
गर्भावस्था में पोषण की कमी के कारण बाल झड़ सकते हैं और नाखून कमजोर या भंगुर हो सकते हैं।
 

व्यवहारिक और अन्य लक्षण

1. बर्फ/मिट्टी खाने की इच्छा (Pica)

कुछ महिलाओं को बर्फ, मिट्टी या लेड जैसी चीज़ें खाने की इच्छा हो सकती है — यह आयरन की कमी का संकेत है।

2. चिड़चिड़ापन

मन में बेचैनी, चिड़चिड़ापन और ध्यान रखने में कठिनाई भी दिख सकती है।

3. काम में मन न लगना

ध्यान नहीं लगना और काम में रुचि का कम होना भी एक सामान्य लक्षण है।


एनीमिया क्यों होता है? मुख्य कारण

1. आयरन की कमी
हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन जरूरी है। आहार में पर्याप्त आयरन न मिलने या मासिक धर्म में खून ज्यादा बहने से यह कमी तेजी से बढ़ जाती है।

2. विटामिन B12 की कमी
B12 लाल रक्त कोशिकाएं बनाने और नसों के लिए जरूरी है। शाकाहारी आहार, पाचन समस्या या अवशोषण में कमी से यह स्तर गिर जाता है।

3. फोलिक एसिड की कमी
फोलिक एसिड नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है, खासकर गर्भावस्था में। कम हरी सब्जियां व दालें खाने से यह कमी हो सकती है।

4. भारी मासिक धर्म या रक्तस्राव
मासिक धर्म में ज्यादा खून बहना शरीर के आयरन स्टोर को खत्म करता है, जिससे समय के साथ एनीमिया विकसित होता है।

5. गर्भावस्था में बढ़ी जरूरत
गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे दोनों के लिए अधिक रक्त और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यह मांग पूरी न होने पर एनीमिया हो जाता है।

6. आहार में पोषण की कमी
नियमित रूप से आयरन, प्रोटीन और विटामिन न लेने से शरीर पर्याप्त RBC नहीं बना पाता और धीरे-धीरे खून की कमी शुरू हो जाती है।
 

अगर आप बार-बार प्रेग्नेंसी टेस्ट कर रही हैं और गर्भधारण नहीं हो पा रहा है, तो यह जाँचना जरूरी है कि क्या महिलाओं में एनीमिया या आयरन की कमी इसकी वजह तो नहीं। गंभीर एनीमिया गर्भधारण को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक प्रभावी विकल्प हो सकता है। सही क्लिनिक चुनना और दिल्ली में IVF की लागत और रांची में IVF की लागत जानना आपके लिए मददगार रहेगा। इससे सुरक्षित और स्वस्थ गर्भधारण सुनिश्चित किया जा सकता है।

 

एनीमिया की जांच और टेस्ट

खून की कमी की पुष्टि केवल लक्षणों से नहीं होती, इसके लिए कुछ लैब जांच कराई जाती हैं। ये टेस्ट यह बताने में मदद करते हैं कि शरीर में कौन-सा पोषक तत्व कम है और एनीमिया कितना गंभीर है।

CBC (Complete Blood Count)
यह टेस्ट लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या, आकार और hemoglobin स्तर की पूरी जानकारी देता है और एनीमिया की मौजूदगी का पहला संकेत होता है।

Hemoglobin टेस्ट
खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा मापी जाती है। सामान्य से कम स्तर यह दिखाता है कि शरीर ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचा पा रहा।

Iron Studies (Ferritin, TIBC)
फेरिटिन आयरन स्टोर बताता है और TIBC यह दिखाता है कि शरीर उपलब्ध आयरन का कितना उपयोग कर पा रहा है। इससे आयरन-डिफिशियेंसी एनीमिया की पुष्टि होती है।

Vitamin B12 और Folate Levels
इन टेस्ट से पता चलता है कि विटामिन B12 या फोलेट की कमी है या नहीं, ताकि सही प्रकार का उपचार शुरू हो सके।

इन सभी रिपोर्टों के आधार पर डॉक्टर एनीमिया का सही कारण, प्रकार और उपचार योजना तय करते हैं।


एनीमिया का इलाज और प्रबंधन

1 आयरन सप्लीमेंट
डॉक्टर आयरन टैबलेट/सिरप लिखते हैं ताकि शरीर में नई लाल रक्त कोशिकाएँ बन सकें।
इन्हें खाने के साथ या खाने के बाद लेना बेहतर होता है और कैल्शियम के साथ न लें, वरना अवशोषण कम होता है।

2 पोषक तत्वों से भरपूर आहार
हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, राजमा, छोले, दालें, अंडे और अनार-चुकंदर जैसे भोजन प्राकृतिक रूप से आयरन बढ़ाते हैं।
ऐसा संतुलित आहार हीमोग्लोबिन धीरे-धीरे सुधारता है और भविष्य में एनीमिया रोकने में मदद करता है।

3 विटामिन C
नींबू, संतरा, किवी, आम और अमला जैसे खाद्य पदार्थ आयरन को बेहतर तरीके से पचने और खून में अवशोषित होने में मदद करते हैं।
अगर आयरन सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो साथ में विटामिन C लेने से असर तेज़ दिखाई देता है।
 

महिलाओं के लिए आयरन से भरपूर आहार

खाद्य पदार्थ

आयरन की उपलब्धता (रेटिंग)

पालक

⭐⭐⭐⭐☆

चुकंदर

⭐⭐⭐☆☆

अनार

⭐⭐⭐☆☆

मांस/मुर्गी

⭐⭐⭐⭐⭐

राजमा / दालें

⭐⭐⭐⭐☆

अंडा

⭐⭐⭐☆☆

खास ध्यान:
अगर आप शाकाहारी हैं, तो नींबू, संतरा, अमला जैसे विटामिन C स्रोत के साथ आयरन लेना शरीर में अवशोषण बढ़ाता है।


एनीमिया से बचाव के उपाय

एनीमिया अक्सर समय पर देखभाल और सही खान-पान से रोका जा सकता है। दैनिक जीवन में ये छोटे-छोटे बदलाव बहुत बड़ा अंतर ला सकते हैं।

1. आयरन से भरपूर आहार लें
हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, राजमा, दालें, गुड़, बीट, अनार, और नॉन-वेज खाने वालों के लिए मांस बेहद लाभकारी है।

2. वज़न और पोषण संतुलित रखें
कम पोषण वाली डाइट या क्रैश डाइट शरीर में आयरन और विटामिन की कमी बढ़ा सकती है।

3. मासिक धर्म में ध्यान दें
जिन महिलाओं में मासिक धर्म अधिक या लंबे समय तक चलता है, उन्हें नियमित रूप से हीमोग्लोबिन जांच करानी चाहिए।

4. गर्भावस्था में नियमित जांच
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर को अधिक आयरन की आवश्यकता होती है। डॉक्टर द्वारा बताई गई सप्लीमेंट्स समय पर लें और चेक-अप न छोड़ें।

5. तनाव और थकान को नज़रअंदाज़ न करें
लगातार थकान, चक्कर या कमजोरी महसूस हो तो इसे सामान्य न समझें—ये एनीमिया के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
 

स्रोत / References

 

निष्कर्ष: समय पर पहचान क्यों जरूरी?

एनीमिया महिलाओं में एक आम समस्या है, लेकिन इसे हल्के लक्षणों के कारण अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। यदि समय पर इसका पता नहीं लगाया गया और इलाज नहीं किया गया, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसमें लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना और दिल की असुविधा शामिल हैं।

गर्भवती महिलाओं में एनीमिया का असर बच्चे के विकास पर भी पड़ सकता है और समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ा सकता है। इसके अलावा जीवन की सामान्य गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ता है—दैनिक काम करना कठिन लगने लगता है और मानसिक थकान भी बढ़ जाती है।

समय पर पहचान और सही इलाज के साथ एनीमिया पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित आहार, पोषक तत्वों की पूर्ति, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना इस स्थिति से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। महिलाओं के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें और किसी भी अनियमित थकान या कमजोरी को गंभीरता से लें।

 

FAQs: महिलाओं में एनीमिया (Anemia) — प्रश्न एवं उत्तर

  1. महिलाओं में एनीमिया क्या है?
    एनीमिया वह स्थिति है जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  2. महिलाओं में एनीमिया के कारण क्या हैं?
    आयरन, विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी, भारी मासिक धर्म और गर्भावस्था मुख्य कारण हैं।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  3. एनीमिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
    थकान, कमजोरी, हल्का चक्कर, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और साँस फूलना आम शुरुआती लक्षण हैं।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  4. महिलाओं में एनीमिया क्यों अधिक होता है?
    मासिक धर्म, गर्भावस्था और पोषण की कमी के कारण महिलाओं में एनीमिया पुरुषों की तुलना में अधिक होता है।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  5. एनीमिया के लक्षण में थकान क्यों होती है?
    हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर में ऊर्जा उत्पादन कम हो जाता है, जिससे थकान महसूस होती है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  6. एनीमिया से चक्कर क्यों आते हैं?
    हीमोग्लोबिन कम होने पर दिमाग तक ऑक्सीजन कम पहुँचती है, जिससे चक्कर महसूस होते हैं।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  7. एनीमिया में सिरदर्द क्यों होता है?
    दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुँच पाने के कारण हल्का या तेज़ सिरदर्द हो सकता है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  8. गर्भवती महिलाओं में एनीमिया के लक्षण क्या हैं?
    गर्भवती महिलाओं में थकान, पैर में सूजन, साँस फूलना और दिल की तेज़ धड़कन आम हैं।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/iron-deficiency-anemia/symptoms-causes/syc-20355034

  9. एनीमिया का निदान कैसे किया जाता है?
    Complete Blood Count (CBC), हीमोग्लोबिन टेस्ट और आयरन स्टडीज से निदान होता है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/diagnosis-treatment/drc-20351366

  10. एनीमिया का इलाज कैसे होता है?
    आयरन सप्लीमेंट, विटामिन और पोषक आहार के साथ गंभीर मामलों में दवा या ब्लड ट्रांसफ्यूजन।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/diagnosis-treatment/drc-20351366

  11. आयरन सप्लीमेंट कब लेना चाहिए?
    डॉक्टर के निर्देशानुसार और भोजन के साथ या बाद में लेना बेहतर होता है।
    https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/nutrition-and-healthy-eating/expert-answers/iron-supplements/faq-20058468

  12. एनीमिया से कमजोरी क्यों होती है?
    कम हीमोग्लोबिन मांसपेशियों और अंगों तक ऑक्सीजन कम पहुँचाता है, जिससे कमजोरी महसूस होती है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  13. एनीमिया से त्वचा पीली क्यों दिखती है?
    रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण त्वचा और होंठ पीले दिखते हैं।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  14. क्या बच्चों में भी एनीमिया हो सकता है?
    हाँ, पोषण की कमी और विकास के दौरान बच्चों में भी एनीमिया हो सकता है।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  15. क्या आयरन युक्त आहार से एनीमिया रोका जा सकता है?
    हाँ, आयरन और विटामिन C युक्त आहार से रोकथाम संभव है।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  16. क्या एनीमिया गर्भावस्था में बच्चे को प्रभावित करता है?
    गंभीर एनीमिया बच्चे के विकास और जन्म के समय जटिलताओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  17. क्या भारी मासिक धर्म एनीमिया का कारण है?
    हाँ, अत्यधिक रक्तस्राव शरीर में आयरन की कमी कर सकता है।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  18. एनीमिया में सांस क्यों फूलती है?
    ऑक्सीजन की कमी से शरीर को अधिक सांस लेने की जरूरत पड़ती है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  19. क्या एनीमिया से सिरदर्द होता है?
    हाँ, दिमाग तक ऑक्सीजन कम पहुँचने से हल्का या तेज़ सिरदर्द हो सकता है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  20. क्या एनीमिया में थकान हमेशा बनी रहती है?
    हां, बिना इलाज के थकान लगातार बनी रह सकती है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  21. क्या एनीमिया अनुवांशिक हो सकता है?
    कुछ प्रकार जैसे सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया आनुवंशिक होते हैं।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  22. क्या एनीमिया में बाल झड़ते हैं?
    हाँ, पोषण और आयरन की कमी बालों को कमजोर करती है और झड़ने लगते हैं।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  23. क्या एनीमिया से हाथ-पैर ठंडे रहते हैं?
    हां, रक्त प्रवाह कम होने से बाहरी अंग ठंडे लग सकते हैं।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  24. क्या एनीमिया में चिड़चिड़ापन बढ़ता है?
    हाँ, मानसिक थकान और ऑक्सीजन की कमी से चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  25. क्या एनीमिया में नींद प्रभावित होती है?
    हां, थकान और शरीर में ऑक्सीजन की कमी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  26. क्या एनीमिया में दिल की धड़कन तेज होती है?
    हां, शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन देने के लिए दिल तेज़ धड़कता है।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

  27. क्या एनीमिया से काम में मन नहीं लगता?
    हाँ, ध्यान की कमी और मानसिक थकान के कारण मन काम में नहीं लगता।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/symptoms-causes/syc-20351360

  28. क्या एनीमिया में हल्का भोजन लेना चाहिए?
    हाँ, हल्का और पोषक भोजन शरीर को ऊर्जा देता है और लक्षण कम करता है।
    https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/nutrition-and-healthy-eating/expert-answers/iron-supplements/faq-20058468

  29. क्या एनीमिया में नियमित जांच जरूरी है?
    हाँ, समय-समय पर CBC और हीमोग्लोबिन टेस्ट से स्थिति को ट्रैक करना जरूरी है।
    https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/anemia/diagnosis-treatment/drc-20351366

  30. एनीमिया से बचाव कैसे किया जा सकता है?
    आयरन और विटामिन युक्त संतुलित आहार, सप्लीमेंट और समय पर डॉक्टर चेकअप से बचाव संभव है।
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/anaemia

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