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Andropause in Hindi | पुरुषों में एंड्रोपॉज के लक्षण, कारण, इलाज | टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के उपाय

Andropause in Hindi | पुरुषों में एंड्रोपॉज के लक्षण, कारण, इलाज | टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के उपाय

Medically reviewed by
Gynecologist & IVF Specialist
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MBBS DGO DNB (Obstetrics & Gynaecology) Fertility Specialist
This content is reviewed for medical accuracy and patient-awareness purposes. It does not replace a personal consultation with a fertility specialist.

एंड्रोपॉज (Andropause in Hindi) पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ होने वाला एक प्राकृतिक हार्मोनल बदलाव है, जिसमें शरीर में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसे अक्सर male menopause भी कहा जाता है, हालांकि यह महिलाओं के मेनोपॉज की तरह अचानक नहीं होता बल्कि धीरे-धीरे कई वर्षों में विकसित होता है।

यह स्थिति आमतौर पर 40 साल की उम्र के बाद शुरू हो सकती है और इसका असर पुरुषों के शारीरिक, मानसिक और यौन स्वास्थ्य पर पड़ता है। थकान, ऊर्जा की कमी, मूड स्विंग, मांसपेशियों की कमजोरी और यौन इच्छा में कमी इसके सामान्य लक्षण माने जाते हैं।
आज के समय में खराब लाइफस्टाइल, तनाव, असंतुलित खानपान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण testosterone deficiency की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसलिए एंड्रोपॉज को समझना और समय पर पहचानना बहुत जरूरी है ताकि सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव करके इसके प्रभावों को नियंत्रित किया जा सके।
इस ब्लॉग में हम एंड्रोपॉज के कारण, लक्षण, इलाज और टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के प्राकृतिक उपायों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

पुरुषों में एंड्रोपॉज (Andropause) के दौरान टेस्टोस्टेरोन की कमी से न केवल ऊर्जा और यौन स्वास्थ्य प्रभावित होता है, बल्कि कुछ मामलों में प्रजनन क्षमता (fertility) पर भी असर पड़ सकता है। अगर लंबे समय तक हार्मोन असंतुलन के कारण गर्भधारण में समस्या आती है, तो आधुनिक चिकित्सा में सरोगेसी एक विकल्प के रूप में सामने आती है। ऐसे में भारत में सरोगेसी की लागत और बैंगलोर में सरोगेसी की लागत के बारे में जानकारी लेना और सही क्लिनिक का चयन करना आगे की योजना बनाने में मददगार हो सकता है।


एंड्रोपॉज (Andropause) क्या है?

एंड्रोपॉज, जिसे अक्सर "मेल मेनोपॉज" (Male Menopause) भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुषों के शरीर में उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन (Testosterone hormone) का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है।

हालांकि यह महिलाओं के मेनोपॉज जैसा अचानक नहीं होता, लेकिन यह एक धीमा और लंबी प्रक्रिया होती है जो आमतौर पर 40–55 वर्ष की उम्र के बाद शुरू होती है।

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों का मुख्य हार्मोन है जो:

  • यौन इच्छा (Libido)

  • मांसपेशियों की ताकत

  • हड्डियों की मजबूती

  • ऊर्जा स्तर

  • मानसिक स्थिरता

को नियंत्रित करता है।

जब इसका स्तर कम होता है, तो शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर असर पड़ता है।


एंड्रोपॉज के कारण (Causes of Andropause in Hindi)

एंड्रोपॉज के पीछे कई कारण होते हैं:

1. उम्र बढ़ना (Aging in Men)

सबसे बड़ा कारण उम्र है। 30 साल के बाद पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हर साल लगभग 1% कम होने लगता है।

2. तनाव (Stress and Anxiety)

लंबे समय तक मानसिक तनाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देता है।

3. खराब लाइफस्टाइल

  • जंक फूड

  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी

  • नींद की कमी

4. मोटापा (Obesity)

ज्यादा फैट शरीर में टेस्टोस्टेरोन को एस्ट्रोजन में बदल देता है।

5. डायबिटीज और बीमारियाँ

डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और थायरॉइड भी टेस्टोस्टेरोन को प्रभावित करते हैं।
अगर आप डायबिटीज के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो यह जरूर पढ़ें: डायबिटीज के लक्षण, कारण और इलाज

6. शराब और धूम्रपान

Alcohol और smoking हार्मोन उत्पादन को कम कर देते हैं।
 

एंड्रोपॉज के लक्षण (Low Testosterone Symptoms in Hindi)

एंड्रोपॉज के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं और अक्सर सामान्य थकान समझ लिए जाते हैं।

शारीरिक लक्षण:

  • लगातार थकान महसूस होना – शरीर में ऊर्जा की कमी बनी रहती है।

  • मांसपेशियों की कमजोरी – मसल्स की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है।

  • पेट और कमर के आसपास चर्बी बढ़ना – फैट खासकर पेट के आसपास जमा होने लगता है।

  • सेक्स ड्राइव में कमी – यौन इच्छा पहले की तुलना में कम हो जाती है।
    इस समस्या को समझने और इसे प्राकृतिक तरीके से सुधारने के लिए यह भी पढ़ें: सेक्स ड्राइव बढ़ाने वाले फूड्स

  • इरेक्शन की समस्या – इरेक्शन पाने या बनाए रखने में कठिनाई होती है।

  • हड्डियों में कमजोरी – हड्डियां कमजोर होकर फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है।

मानसिक लक्षण:

  • चिड़चिड़ापन – छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा या बेचैनी बढ़ जाती है।

  • डिप्रेशन या उदासी – मन उदास रहने लगता है और उत्साह कम हो जाता है।

  • फोकस करने में परेशानी – ध्यान और एकाग्रता में कमी आती है।

  • आत्मविश्वास की कमी – खुद पर भरोसा कम होने लगता है।

यौन स्वास्थ्य से जुड़े लक्षण:

  • libido कम होना – यौन इच्छा में स्पष्ट गिरावट आती है।

  • erectile dysfunction – यौन क्रिया के दौरान इरेक्शन की समस्या होती है।

  • स्पर्म क्वालिटी में कमी – शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या कम हो सकती है।


एंड्रोपॉज और टेस्टोस्टेरोन लेवल (Testosterone Deficiency)

टेस्टोस्टेरोन पुरुषों का “मुख्य ऊर्जा हार्मोन” है। जब इसका स्तर कम होता है, तो शरीर में कई बदलाव आते हैं:

  • एनर्जी कम हो जाती है

  • मसल मास घटने लगता है

  • फैट बढ़ता है

  • मूड स्विंग बढ़ते हैं

डॉक्टर इसे Low Testosterone या Hypogonadism भी कहते हैं।


एंड्रोपॉज और उम्र बढ़ने के लक्षण (Aging in Men)

एंड्रोपॉज को अक्सर सामान्य उम्र बढ़ने का हिस्सा समझा जाता है, लेकिन यह सिर्फ aging नहीं है।

उम्र बढ़ने के साथ:

  • मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है

  • नींद प्रभावित होती है

  • शरीर की रिकवरी धीमी हो जाती है

लेकिन अगर ये लक्षण ज्यादा तेज हों, तो यह एंड्रोपॉज का संकेत हो सकता है।

पुरुषों में एंड्रोपॉज (Andropause) के दौरान टेस्टोस्टेरोन की कमी से यौन स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता (fertility) प्रभावित हो सकती है। अगर लंबे समय तक हार्मोन असंतुलन के कारण गर्भधारण में समस्या आती है, तो IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक प्रभावी विकल्प माना जाता है। ऐसे में सही क्लिनिक का चयन करना और दिल्ली में IVF की लागत और रांची में IVF की लागत की जानकारी लेना आपके लिए मददगार हो सकता है।


एंड्रोपॉज का निदान (Diagnosis of Andropause)

अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर कुछ टेस्ट कर सकते हैं:

1. Testosterone Blood Test

यह सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट है।

2. Hormone Level Check

LH, FSH जैसे हार्मोन भी जांचे जाते हैं।

3. Blood Sugar और Lipid Profile

ताकि अन्य कारणों का पता लगाया जा सके।


एंड्रोपॉज का इलाज (Treatment of Andropause in Hindi)

एंड्रोपॉज का इलाज पूरी तरह संभव है। इसका इलाज तीन तरीकों से किया जाता है:

1. लाइफस्टाइल में बदलाव (Lifestyle Changes)

यह सबसे जरूरी कदम है:
  • रोज 30–45 मिनट एक्सरसाइज

  • हेल्दी डाइट (प्रोटीन और हरी सब्जियां)

  • पर्याप्त नींद (7–8 घंटे)

  • तनाव कम करना

2. Testosterone Therapy (हार्मोन थेरेपी)

कुछ मामलों में डॉक्टर testosterone replacement therapy (TRT) देते हैं। यह इंजेक्शन, जेल या पैच के रूप में हो सकता है। इसे केवल डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।

3. प्राकृतिक तरीके (Natural Treatment for Low Testosterone)

  • अश्वगंधा – यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने और तनाव कम करने में मदद करती है।

  • मेथी दाना – हार्मोन बैलेंस सुधारने और सेक्स ड्राइव बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

  • विटामिन D – शरीर में टेस्टोस्टेरोन प्रोडक्शन को सपोर्ट करता है।

  • जिंक युक्त भोजन – जिंक हार्मोन उत्पादन के लिए जरूरी मिनरल है (जैसे नट्स, बीज)।

  • सूर्य की रोशनी – रोज धूप लेने से विटामिन D बढ़ता है, जिससे टेस्टोस्टेरोन लेवल बेहतर होता है।


एंड्रोपॉज में क्या खाना चाहिए? (Diet for Testosterone Boost)

फायदेमंद भोजन:

  • अंडे – प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर, हार्मोन बैलेंस में मदद करते हैं।

  • दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स – कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर, टेस्टोस्टेरोन सपोर्ट करते हैं।

  • नट्स (बादाम, अखरोट) – जिंक और हेल्दी फैट से भरपूर, हार्मोन प्रोडक्शन में सहायक।

  • हरी सब्जियां – विटामिन और मिनरल्स से भरपूर, शरीर को संतुलित रखते हैं।

  • केला और अनार – ऊर्जा बढ़ाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं।

क्या नहीं खाना चाहिए:

  • फास्ट फूड – ट्रांस फैट हार्मोन बैलेंस बिगाड़ता है।

  • ज्यादा चीनी – इंसुलिन बढ़ाकर टेस्टोस्टेरोन कम कर सकती है।

  • शराब – हार्मोन उत्पादन को प्रभावित करती है।

  • प्रोसेस्ड फूड – पोषण कम और हानिकारक तत्व ज्यादा होते हैं।

सही डाइट अपनाने से टेस्टोस्टेरोन लेवल बेहतर रहता है और एंड्रोपॉज के लक्षण कम होते हैं।​


एंड्रोपॉज और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health in Men)

हार्मोन असंतुलन का असर दिमाग पर भी पड़ता है।

  • डिप्रेशन

  • एंग्जायटी

  • आत्मविश्वास की कमी

इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।


एंड्रोपॉज से बचाव (Prevention Tips)

हालांकि इसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसकी गति धीमी की जा सकती है:

  • नियमित व्यायाम करें

  • स्ट्रेस मैनेज करें

  • स्मोकिंग और शराब से बचें

  • हेल्दी डाइट लें

  • नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
     

एंड्रोपॉज और पुरुष यौन स्वास्थ्य (Male Sexual Health)

यह स्थिति पुरुषों के यौन जीवन को प्रभावित कर सकती है, लेकिन यह स्थायी समस्या नहीं होती।

सही इलाज और लाइफस्टाइल से:

  • यौन क्षमता में सुधार

  • आत्मविश्वास में बढ़ोतरी

  • रिश्तों में सुधार

संभव है।


निष्कर्ष (Conclusion)

एंड्रोपॉज (Andropause in Hindi) पुरुषों में उम्र के साथ होने वाला एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण हार्मोनल बदलाव है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह केवल थकान या कमजोरी नहीं, बल्कि शरीर, मानसिक स्वास्थ्य और यौन जीवन पर असर डालने वाली स्थिति है। अच्छी बात यह है कि सही समय पर पहचान, हेल्दी लाइफस्टाइल, संतुलित आहार और जरूरत पड़ने पर मेडिकल सलाह से एंड्रोपॉज के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

यदि आप नियमित व्यायाम करें, तनाव कम रखें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, तो आप इस चरण को आसानी से मैनेज कर सकते हैं और एक स्वस्थ, सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. एंड्रोपॉज के क्या लक्षण हैं?
एंड्रोपॉज के मुख्य लक्षणों में थकान, सेक्स ड्राइव कम होना, मांसपेशियों की कमजोरी, डिप्रेशन, और वजन बढ़ना शामिल हैं।
Source: https://www.webmd.com/men/what-is-low-testosterone

2. पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कैसे बढ़ाएं?
नियमित व्यायाम, प्रोटीन युक्त आहार, पर्याप्त नींद और तनाव कम करके टेस्टोस्टेरोन बढ़ाया जा सकता है। गंभीर मामलों में डॉक्टर TRT (Therapy) दे सकते हैं।
Source: https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/fitness/in-depth/testosterone-therapy

3. सेक्स में कौन सा हार्मोन काम करता है?
सेक्स ड्राइव और यौन क्षमता के लिए मुख्य रूप से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन जिम्मेदार होता है।
Source: https://www.healthline.com/health/low-testosterone

4. मेनोपॉज के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
(महिलाओं में) शुरुआती लक्षणों में अनियमित पीरियड्स, मूड स्विंग, गर्मी लगना (hot flashes), और नींद की समस्या शामिल हैं।
Source: https://www.nhs.uk/conditions/menopause

5. एंड्रोपॉज किस उम्र में शुरू होता है?
एंड्रोपॉज आमतौर पर 40 से 55 वर्ष की उम्र के बीच शुरू होता है, लेकिन यह धीरे-धीरे विकसित होता है।
Source: https://www.clevelandclinic.org/andropause

6. मेनोपॉज कितने दिनों तक रहता है?
मेनोपॉज कोई कुछ दिनों की प्रक्रिया नहीं है, यह एक लंबी अवस्था है जो कई महीनों से लेकर वर्षों तक चल सकती है।
Source: https://www.womenshealth.gov/menopause

7. एंड्रोपॉज का सबसे अच्छा इलाज क्या है?
सबसे अच्छा इलाज लाइफस्टाइल सुधार, व्यायाम, हेल्दी डाइट और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर द्वारा दी गई हार्मोन थेरेपी है।
Source: https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/male-hypogonadism

8. पुरुष मेनोपॉज कितने समय तक रह सकता है?
पुरुषों में यह धीरे-धीरे होने वाली प्रक्रिया है जो कई वर्षों तक चल सकती है।
Source: https://www.healthline.com/health/male-menopause

9. एंड्रोपॉज के मुख्य कारण क्या हैं?
उम्र बढ़ना, तनाव, मोटापा, खराब लाइफस्टाइल, और शराब/धूम्रपान इसके मुख्य कारण हैं।
Source: https://www.webmd.com/men/guide/low-testosterone-causes

10. एंड्रोपॉज़ का क्या अर्थ है?
एंड्रोपॉज का अर्थ है पुरुषों में उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का धीरे-धीरे कम होना।
Source: https://www.britannica.com/science/andropause

11. एंड्रोपॉज का दूसरा नाम क्या है?
इसे Male Menopause या Late-Onset Hypogonadism भी कहा जाता है।
Source: https://www.ncbi.nlm.nih.gov

12. क्या एंड्रोपॉज से वजन बढ़ता है?
हाँ, टेस्टोस्टेरोन कम होने से मेटाबॉलिज्म धीमा होता है जिससे पेट और शरीर में फैट बढ़ सकता है।
Source: https://www.healthline.com/nutrition/low-testosterone-weight-gain

13. मेरा वजन इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है अचानक पुरुष?
यह हार्मोन असंतुलन, तनाव, खराब डाइट, और कम शारीरिक गतिविधि के कारण हो सकता है, खासकर टेस्टोस्टेरोन कम होने पर।
Source: https://www.webmd.com/men/obesity-low-testosterone

14. मेनोपॉज के किस स्टेज पर आपका सबसे ज्यादा वजन बढ़ता है?
पेरिमेनोपॉज (शुरुआती चरण) में हार्मोन उतार-चढ़ाव के कारण वजन तेजी से बढ़ सकता है।
Source: https://www.nhs.uk/conditions/menopause

15. कौन सी गोली सबसे ज्यादा वजन बढ़ने का कारण बनती है?
कुछ एंटीडिप्रेसेंट, स्टेरॉयड और हार्मोनल दवाएं वजन बढ़ा सकती हैं।
Source: https://www.mayoclinic.org

16. पुरुष किस उम्र में टेस्टोस्टेरोन खोना बंद कर देते हैं?
टेस्टोस्टेरोन का स्तर पूरी तरह रुकता नहीं है, लेकिन 30 साल के बाद हर साल धीरे-धीरे कम होता रहता है।
Source: https://www.healthline.com/health/low-testosterone

17. पुरुष बांझपन के 4 कारण क्या हैं?
कम स्पर्म काउंट, हार्मोन असंतुलन, इंफेक्शन, और जीवनशैली (smoking/alcohol) पुरुष बांझपन के प्रमुख कारण हैं।
Source: https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/infertility

18. एंड्रोजन बढ़ने के क्या लक्षण हैं?
अत्यधिक बाल बढ़ना, मुंहासे, आवाज भारी होना और मूड बदलाव एंड्रोजन बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं।
Source: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK279

19. एंड्रोपॉज क्या है?
यह पुरुषों में उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी की स्थिति है।
Source: https://www.healthline.com/health/low-testosterone

20. क्या एंड्रोपॉज सभी पुरुषों को होता है?
हाँ, लेकिन इसकी तीव्रता हर व्यक्ति में अलग होती है। हर पुरुष में टेस्टोस्टेरोन का गिरना प्राकृतिक प्रक्रिया है।
Source: https://www.webmd.com/men/guide/low-testosterone

21. क्या इसका इलाज संभव है?
हाँ, लाइफस्टाइल बदलाव, व्यायाम और मेडिकल ट्रीटमेंट से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
Source: https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/male-hypogonadism

22. क्या एंड्रोपॉज से यौन जीवन प्रभावित होता है?
हाँ, टेस्टोस्टेरोन कम होने से यौन इच्छा और प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है, लेकिन सही इलाज से सुधार संभव है।
Source: https://www.healthline.com/health/low-testosterone/symptoms

23. टेस्टोस्टेरोन कैसे बढ़ाया जा सकता है?
नियमित व्यायाम, प्रोटीन युक्त आहार, पर्याप्त नींद और डॉक्टर की सलाह से टेस्टोस्टेरोन बढ़ाया जा सकता है।
Source: https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/fitness/in-depth/testosterone-therapy


निष्कर्ष (Conclusion)

Andropause in Hindi केवल उम्र बढ़ने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण हार्मोनल बदलाव है जिसे समझना और सही समय पर पहचानना जरूरी है। अगर पुरुष अपनी लाइफस्टाइल को सुधारें, तनाव कम करें और समय पर मेडिकल सलाह लें, तो वे इस अवस्था को आसानी से मैनेज कर सकते हैं और एक स्वस्थ, सक्रिय जीवन जी सकते हैं।

Portrait of Dr. Sunita Singh Rathore, Gynecologist and IVF Specialist
Medical reviewer

Gynecologist & IVF Specialist | 18+ Years Experience | 1,000+ Successful Live Births

Dr. Sunita Singh Rathore is an experienced women’s health and fertility specialist associated with Vinsfertility. She reviews reproductive health content for medical accuracy, patient clarity, and alignment with current fertility care practices.

Her areas of focus include IVF, infertility assessment, ovulation disorders, reproductive counselling, and treatment planning for couples exploring assisted reproductive options.

MBBS DGO DNB (Obstetrics & Gynaecology) Fertility Specialist
This article has been medically reviewed for educational and awareness purposes. It should not be considered a substitute for an in-person consultation, diagnosis, or treatment plan from a qualified fertility specialist.
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