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Pelvic Inflammatory Disease in Hindi | पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) क्या है | कारण, लक्षण और इलाज

Pelvic Inflammatory Disease in Hindi | पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) क्या है | कारण, लक्षण और इलाज

Medically reviewed by
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MBBS DGO DNB (Obstetrics & Gynaecology) Fertility Specialist
This content is reviewed for medical accuracy and patient-awareness purposes. It does not replace a personal consultation with a fertility specialist.

महिलाओं में कई बार पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द, पीरियड्स में अनियमितता या सफेद पानी जैसी समस्या दिखाई देती है। बहुत-सी महिलाएं इसे सामान्य संक्रमण या कमजोरी समझकर नज़रअंदाज कर देती हैं, जबकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है — जैसे Pelvic Inflammatory Disease (PID)

यह बीमारी महिलाओं के प्रजनन तंत्र (Reproductive System) को प्रभावित करती है और समय पर इलाज न मिलने पर बांझपन (Infertility) तक का कारण बन सकती है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज क्या है, इसके कारण, लक्षण, इलाज और बचाव के तरीके क्या हैं।

अगर PID (पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज) के कारण प्राकृतिक गर्भधारण संभव नहीं हो पा रहा है, तो आप भारत में सरोगेसी की लागत और बैंगलोर में सरोगेसी की लागत के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। यह विकल्प उन कपल्स के लिए मददगार हो सकता है जो चिकित्सा कारणों से गर्भधारण नहीं कर पा रहे हैं।

 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) क्या है?

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (Pelvic Inflammatory Disease) एक संक्रमण है जो महिलाओं के गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब्स और अंडाशय को प्रभावित करता है। यह संक्रमण आमतौर पर यौन संचारित रोगों (Sexually Transmitted Infections - STIs) जैसे क्लैमाइडिया (Chlamydia) या गोनोरिया (Gonorrhea) के कारण होता है।

जब यह बैक्टीरिया योनि (Vagina) या गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) से ऊपर की ओर फैलते हैं, तो वे गर्भाशय, ट्यूब्स और अंडाशय में सूजन पैदा करते हैं — इसे ही PID कहा जाता है।
 

PID कैसे फैलता है?

PID का सबसे आम कारण अनसेफ सेक्स (Unprotected Sex) है। जब संक्रमित व्यक्ति के साथ बिना प्रोटेक्शन संबंध बनाए जाते हैं, तो बैक्टीरिया योनि से ऊपर की ओर फैलकर गर्भाशय तक पहुंच जाते हैं।

इसके अलावा कुछ अन्य कारण भी PID के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं:

  1. गर्भपात या डिलीवरी के बाद संक्रमण- अगर साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो संक्रमण फैल सकता है।

  2. IUD (Copper-T) लगवाने के बाद संक्रमण- यदि उपकरण सही तरीके से नहीं लगाया गया, तो बैक्टीरिया फैल सकते हैं।

  3. बार-बार योनि संक्रमण (Vaginal Infection) या बार-बार एंटीबायोटिक का उपयोग भी शरीर की बैक्टीरियल बैलेंस बिगाड़ सकता है।

  4. एक से अधिक यौन साथी- इससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 


Pelvic Inflammatory Disease के लक्षण

PID के लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं।कई बार शुरुआती चरण में कोई लक्षण नहीं दिखता, और जब तक बीमारी बढ़ती है, तब तक संक्रमण फैल चुका होता है।

सबसे आम लक्षण हैं 

1. पेट के निचले हिस्से में दर्द- लगातार या बार-बार होने वाला Lower Abdominal Pain PID का प्रमुख संकेत है।

2. पीरियड्स में अनियमितता- पीरियड्स देर से आना, अधिक या कम ब्लीडिंग होना, या दर्द के साथ आना PID में आम बात है।

3. सेक्स के दौरान दर्द- संभोग करते समय Pelvic Pain या असहजता होना PID का संकेत हो सकता है।

4. सफेद या पीले रंग का डिस्चार्ज- योनि से बदबूदार, पीले या हरे रंग का स्राव आना।

5. बुखार और थकान- शरीर में संक्रमण बढ़ने पर बुखार, कंपकंपी, या थकान महसूस होना।

6. पेशाब करते समय जलन- PID में संक्रमण मूत्राशय तक फैल सकता है, जिससे पेशाब में जलन या दर्द होता है।
 

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज(PID) के प्रकार

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) को सूजन की अवधि के आधार पर दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:

  1. तीव्र पीआईडी (Acute PID)

    • इस प्रकार में संक्रमण के कारण महिला प्रजनन अंगों जैसे गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय में अचानक और गंभीर सूजन हो जाती है।

    • यह स्थिति आमतौर पर तेज़ दर्द और अन्य गंभीर लक्षणों के साथ दिखाई देती है, जिसे तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।

  2. क्रोनिक पीआईडी (Chronic PID)

    • इस प्रकार में सूजन लंबे समय तक बनी रहती है और धीरे-धीरे विकसित होती है।

    • क्रोनिक PID के लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ यह गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, जैसे कि बांझपन, नलियों में रुकावट, या लगातार पेल्विक दर्द।

दोनों ही प्रकार की स्थिति में सही समय पर चिकित्सीय सहायता लेना आवश्यक है ताकि संक्रमण गंभीर न हो और भविष्य में कोई जटिलता न उत्पन्न हो।
 

Pelvic Inflammatory Disease का जांच 

PID का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ टेस्ट करवाते हैं, जैसे:

  1. शारीरिक जांच (Physical Examination)- पेल्विक एरिया की जांच की जाती है।

  2. योनि स्राव जांच (Vaginal Swab Test)- बैक्टीरिया या संक्रमण की पहचान के लिए।

  3. अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)- गर्भाशय या अंडाशय में सूजन या मवाद की जांच के लिए।

  4. ब्लड टेस्ट- संक्रमण की गंभीरता और WBC (White Blood Cell) लेवल जानने के लिए।

  5. Laparoscopy- गंभीर मामलों में अंदर की सूजन को देखने के लिए किया जाता है।
     

Pelvic Inflammatory Disease का इलाज 

PID का इलाज जितनी जल्दी शुरू किया जाए, उतना बेहतर होता है। मुख्य रूप से इसका इलाज एंटीबायोटिक (Antibiotics) और आराम से किया जाता है।

1. एंटीबायोटिक दवाएं

  • डॉक्टर बैक्टीरियल संक्रमण खत्म करने के लिए दवाओं का कोर्स देते हैं।

  • पूरा कोर्स पूरा करना बहुत जरूरी है, चाहे लक्षण पहले ही खत्म क्यों न हो जाएं।

2. दर्द और बुखार के लिए दवाएं- पैरासिटामोल या अन्य पेन रिलीवर दी जा सकती हैं।

3. साथी का इलाज- अगर PID का कारण यौन संक्रमण है, तो दोनों पार्टनर्स का इलाज एक साथ जरूरी है।

4. अस्पताल में भर्ती- अगर संक्रमण गंभीर हो या मवाद (Pus) बन गया हो, तो अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है।

5. सर्जरी (कभी-कभी)- अगर मवाद बहुत अधिक हो और दवाओं से न निकले तो Laparoscopic Surgery की जाती है।
 

Pelvic Inflammatory Disease  का घरेलू इलाज

1. हल्दी (Turmeric)- हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं। गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर रोज़ पीना लाभदायक होता है।

2. नीम (Neem)- नीम की पत्तियों का रस या काढ़ा संक्रमण को रोकने में उपयोगी है।

3. लहसुन (Garlic)- लहसुन में प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण होते हैं। इसे रोजाना खाने में शामिल करें।

4. ग्रीन टी- ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

5. तनाव कम करें- तनाव हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ता है। योग और ध्यान से लाभ मिलता है।


Pelvic Inflammatory Disease के लिए डाइट 

PID से जल्दी ठीक होने के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है।

क्या खाएं:

  • विटामिन C युक्त फल (संतरा, नींबू, अमरूद)

  • हरी सब्जियां और सलाद

  • प्रोटीन युक्त भोजन (दालें, अंडे, दूध)

  • पर्याप्त पानी पिएं

क्या न खाएं:

  • जंक फूड, तली चीजें

  • ज्यादा मीठा या कोल्ड ड्रिंक

  • शराब और धूम्रपान से परहेज


Pelvic Inflammatory Disease से होने वाले खतरे

PID का समय पर इलाज न करने पर इसके कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जैसे:

  1. बांझपन (Infertility)- फैलोपियन ट्यूब्स के ब्लॉक होने से अंडा निषेचित नहीं हो पाता।

  2. Ectopic Pregnancy (असामान्य गर्भावस्था)- निषेचित अंडा गर्भाशय की बजाय ट्यूब में ही बढ़ने लगता है।

  3. Chronic Pelvic Pain- संक्रमण ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक दर्द रह सकता है।

  4. पेल्विक एब्सेस - संक्रमण के कारण मवाद जमा हो सकता है।


PID से बचाव कैसे करें?

  1. सेफ सेक्स का पालन करें — कंडोम का इस्तेमाल करें।

  2. यौन साथी सीमित रखें — एक से अधिक पार्टनर्स से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।

  3. नियमित गाइनोकॉलॉजिकल जांच कराएं

  4. योनि में बार-बार दवा या साबुन का उपयोग न करें

  5. गर्भपात या डिलीवरी के बाद स्वच्छता बनाए रखें


PID और गर्भधारण (Pregnancy After PID)

PID होने के बाद गर्भधारण थोड़ा कठिन हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। अगर समय पर इलाज कराया जाए और फैलोपियन ट्यूब्स पूरी तरह क्षतिग्रस्त न हों, तो प्राकृतिक गर्भधारण संभव है। गंभीर मामलों में IVF (In Vitro Fertilization) तकनीक से भी गर्भधारण कराया जा सकता है।

अगर PID (पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज) के कारण प्राकृतिक गर्भधारण संभव नहीं हो पा रहा है, तो आप दिल्ली में IVF की लागत और रांची में IVF की लागत। के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह विकल्प उन दंपतियों के लिए उपयोगी है जो बांझपन या प्रजनन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और स्वस्थ गर्भधारण की उम्मीद रखते हैं।


PID के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करें?

अगर आपको ये लक्षण महसूस हों तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

  • लगातार पेल्विक दर्द

  • बुखार या ठंड लगना

  • असामान्य योनि स्राव

  • सेक्स के दौरान दर्द

  • गर्भधारण में समस्या


स्रोत / References


निष्कर्ष

पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) महिलाओं में एक गंभीर लेकिन उपचार योग्य समस्या है। अगर शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए और तुरंत इलाज शुरू किया जाए, तो यह पूरी तरह ठीक हो सकती है। सेफ सेक्स, स्वच्छता और नियमित जांच से इस बीमारी को रोका जा सकता है।

महिलाओं को अपने शरीर के संकेतों को समझना और अनदेखा न करना बहुत जरूरी है। समय पर सही कदम उठाकर आप अपनी प्रजनन क्षमता और स्वास्थ्य दोनों को सुरक्षित रख सकती हैं।

 


FAQ – पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) से जुड़े आम सवाल

Q1. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज क्यों होती है?
PID आमतौर पर बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है, जो अधिकतर यौन संचारित संक्रमणों (STIs) जैसे क्लैमाइडिया या गोनोरिया से फैलती है। कभी-कभी यह गर्भपात, डिलीवरी या किसी सर्जिकल प्रक्रिया के बाद भी हो सकती है, जब बैक्टीरिया गर्भाशय में प्रवेश कर जाते हैं।

Q2. पेल्विक सूजन की बीमारी के लिए सबसे अच्छा इलाज क्या है?
PID का सबसे प्रभावी इलाज एंटीबायोटिक्स हैं। डॉक्टर संक्रमण की गंभीरता के अनुसार दवाओं का कोर्स बताते हैं। गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होकर IV एंटीबायोटिक थेरेपी की आवश्यकता होती है। इलाज के दौरान यौन संबंध से बचना और साथी का भी इलाज कराना जरूरी है।

Q3. पीआईडी को ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका क्या है?
PID को जल्दी ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका है — जल्दी पहचान, सही एंटीबायोटिक और पूरा कोर्स पूरा करना। डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार का पालन करने से संक्रमण फैलने से रुकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है।

Q4. मैं घर पर अपना पीआईडी कैसे साफ कर सकता हूं?
घर पर PID को “साफ” करने का कोई वैज्ञानिक तरीका नहीं है। हालांकि, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, आराम, और हाइजीन का ध्यान रखने से रिकवरी तेज होती है। लेकिन केवल घरेलू उपायों से PID ठीक नहीं होता — डॉक्टर से परामर्श और एंटीबायोटिक इलाज आवश्यक है।

Q5. PID के 3 मुख्य कारण क्या हैं?
PID के तीन प्रमुख कारण हैं:

  1. यौन संचारित संक्रमण (STIs) जैसे क्लैमाइडिया और गोनोरिया।

  2. गर्भाशय में उपकरण (IUD) डालने के बाद संक्रमण।

  3. गर्भपात, डिलीवरी या सर्जरी के बाद बैक्टीरिया का फैलना।

 

Portrait of Dr. Sunita Singh Rathore, Gynecologist and IVF Specialist
Medical reviewer

Gynecologist & IVF Specialist | 18+ Years Experience | 1,000+ Successful Live Births

Dr. Sunita Singh Rathore is an experienced women’s health and fertility specialist associated with Vinsfertility. She reviews reproductive health content for medical accuracy, patient clarity, and alignment with current fertility care practices.

Her areas of focus include IVF, infertility assessment, ovulation disorders, reproductive counselling, and treatment planning for couples exploring assisted reproductive options.

MBBS DGO DNB (Obstetrics & Gynaecology) Fertility Specialist
This article has been medically reviewed for educational and awareness purposes. It should not be considered a substitute for an in-person consultation, diagnosis, or treatment plan from a qualified fertility specialist.
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