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Dr. Sunita Singh Rathore
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September 2026
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मिसकैरेज के लक्षण | Miscarriage Symptoms in Hindi | गर्भपात के शुरुआती संकेत

मिसकैरेज के लक्षण | Miscarriage Symptoms in Hindi | गर्भपात के शुरुआती संकेत

Medically reviewed by
Gynecologist & IVF Specialist
Vinsfertility Hospital 18+ years of experience in reproductive medicine • 1,000+ successful live births
MBBS DGO DNB (Obstetrics & Gynaecology) Fertility Specialist
This content is reviewed for medical accuracy and patient-awareness purposes. It does not replace a personal consultation with a fertility specialist.

प्रेग्नेंसी के दौरान कई बार ऐसे लक्षण नजर आते हैं जो मिसकैरेज का संकेत हो सकते हैं। मिसकैरेज तब होता है जब गर्भावस्था की शुरुआती अवधि में गर्भ का विकास रुक जाता है। यदि समय रहते मिसकैरेज के लक्षण
Miscarriage Symptoms in Hindi को पहचान लिया जाए, तो गर्भपात को रोका जा सकता है। इस ब्लॉग में आप जानेंगी मिसकैरेज के शुरुआती लक्षण, प्रमुख कारण और जरूरी बचाव के उपाय, वो भी आसान और स्पष्ट भाषा में। अगर आप प्रेग्नेंसी से जुड़ी किसी समस्या से जूझ रही हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी हो सकती है।

 

मिसकैरेज के लक्षण

यहाँ कुछ प्रमुख miscarriage symptoms in Hindi दिए गए हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
1. योनि से असामान्य रक्तस्राव (Vaginal Bleeding)

  • हल्का धब्बेदार (spotting) से लेकर भारी ब्लीडिंग तक हो सकती है

  • ब्लड का रंग गुलाबी, भूरा या गाढ़ा लाल हो सकता है

  • यदि ब्लीडिंग रुक नहीं रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
     

2. पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द (Severe Abdominal Pain)

  • यह मासिक धर्म से अधिक तेज दर्द जैसा होता है

  • एक तरफ या दोनों तरफ ऐंठन हो सकती है

  • यह लक्षण विशेष रूप से चिंताजनक होता है
     

3. पीठ दर्द (Lower Back Pain)

  • लगातार या बार-बार होने वाला दर्द

  • दर्द का स्तर सामान्य से अधिक हो सकता है

  • अगर यह दर्द ब्लीडिंग के साथ है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
     

4. योनि से ऊतक (Tissue) या थक्के (Clots) निकलना

  • यदि आप भारी ब्लीडिंग के साथ कोई ऊतक या थक्के जैसा कुछ महसूस करती हैं, तो यह मिसकैरेज का संकेत हो सकता है
     

5. गर्भावस्था के लक्षणों का अचानक कम हो जाना

  • मतली, स्तनों में दर्द या थकान जैसे लक्षण अचानक गायब हो जाएं

  • यह संकेत हो सकता है कि भ्रूण का विकास रुक गया है

 

मिसकैरेज के अन्य संकेत

  • बुखार या ठंड लगना

  • चक्कर आना या कमजोरी

  • गर्भावस्था जांच में HCG का स्तर गिरना
     

मिसकैरेज होने पर क्या करें?

  • सबसे पहले घबराएं नहीं

  • किसी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें

  • अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट करवाएं

  • मानसिक और भावनात्मक सहयोग लें

 

मिसकैरेज के कारण

1. हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance)
गर्भावस्था के सही विकास के लिए हार्मोन्स का संतुलित होना बहुत जरूरी होता है। अगर थायरॉयड, प्रोजेस्टेरोन या HCG जैसे हार्मोन शरीर में कम या ज्यादा हो जाएं, तो यह गर्भ में पल रहे बच्चे की वृद्धि को प्रभावित कर सकता है और मिसकैरेज का कारण बन सकता है।

2. यूटेरस की समस्याएं (Uterine Issues – Fibroids, Polyps)
अगर महिला की बच्चेदानी (यूटरस) में कोई शारीरिक रचना की समस्या हो, जैसे – फाइब्रॉएड या पॉलीप्स, तो गर्भ का सही तरीके से टिकना मुश्किल हो जाता है। ये समस्याएं गर्भ को पूरा समर्थन नहीं दे पातीं जिससे गर्भपात हो सकता है।

3. ओव्यूलेशन की समस्या (Ovulation Problems)
अगर महिला का ओव्यूलेशन नियमित नहीं हो रहा है या अंडाणु सही तरीके से विकसित नहीं हो रहे, तो यह गर्भधारण को प्रभावित करता है। ओव्यूलेशन की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें। बिना उचित ओव्यूलेशन के गर्भधारण टिक नहीं पाता और मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है।

4. अंडाशय में गांठ (Right Ovarian Cyst)
अंडाशय में बनने वाली गांठें, खासकर जब वह बड़ी हो जाती हैं, तो अंडाणु बनने की प्रक्रिया या गर्भधारण की संभावना को प्रभावित करती हैं। राइट ओवेरियन सिस्ट की जानकारी यहाँ पढ़ें। यह भी मिसकैरेज का एक बड़ा कारण हो सकता है।

5. क्रोमोसोमल असामान्यता (Chromosomal Abnormality)
गर्भ में पल रहे बच्चे के क्रोमोसोम्स में कोई असामान्यता हो, तो उसका विकास रुक सकता है और मिसकैरेज हो सकता है। यह एक स्वाभाविक कारण होता है और इसमें माँ या पिता की कोई गलती नहीं होती।

6. संक्रमण या अत्यधिक तनाव (Infection or Stress)
गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार का बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण, जैसे यूरिन इन्फेक्शन या फ्लू, मिसकैरेज का कारण बन सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, लगातार मानसिक तनाव भी हार्मोनल असंतुलन लाकर गर्भपात की संभावना को बढ़ा सकता है।

7. अधिक उम्र (Age Over 35 Years)
35 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं में प्रजनन क्षमता घटने लगती है और गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। इस उम्र में अंडाणु की गुणवत्ता में भी गिरावट आ सकती है, जिससे गर्भ का टिकना मुश्किल हो जाता है।
 

कब डॉक्टर से मिलें?

यदि आपको निम्न में से कोई भी लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • तेज ब्लीडिंग

  • पेट में असहनीय दर्द

  • तेज बुखार

  • चक्कर आना या बेहोशी

 

मिसकैरेज के बाद क्या होता है?

  • शरीर को सामान्य होने में कुछ सप्ताह लग सकते हैं

  • भावनात्मक हीलिंग के लिए परिवार और विशेषज्ञ की मदद लें

  • अगली गर्भावस्था की योजना से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है

 
 

निष्कर्ष

गर्भपात (Miscarriage) एक संवेदनशील विषय है, लेकिन इसके लक्षणों की समय पर पहचान और सही इलाज से इसे रोका जा सकता है। महिला स्वास्थ्य की सही जानकारी और जागरूकता जरूरी है ताकि समय रहते समस्याओं का निदान किया जा सके।
यदि आप किसी भी तरह के लक्षण अनुभव करती हैं, तो देरी न करें।
 

⚕️ Medical disclaimer. This article is for educational purposes only and is not a substitute for professional medical advice, diagnosis, or treatment. Fertility outcomes depend on individual medical circumstances. Always consult a qualified fertility specialist about your specific situation. In India, only altruistic surrogacy is legal under the Surrogacy (Regulation) Act, 2021.
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Portrait of Dr. Sunita Singh Rathore, Gynecologist and IVF Specialist
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Gynecologist & IVF Specialist | 18+ Years Experience | 1,000+ Successful Live Births

Dr. Sunita Singh Rathore is an experienced women's health and fertility specialist associated with Vinsfertility. She reviews reproductive health content for medical accuracy, patient clarity, and alignment with current fertility care practices.

Her areas of focus include IVF, infertility assessment, ovulation disorders, reproductive counselling, and treatment planning for couples exploring assisted reproductive options.

MBBS DGO DNB (Obstetrics & Gynaecology) Fertility Specialist
This article has been medically reviewed for educational and awareness purposes. It should not be considered a substitute for an in-person consultation, diagnosis, or treatment plan from a qualified fertility specialist.
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