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1 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें| पीरियड क्यों नहीं आ रहा | Period Late

1 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें| पीरियड क्यों नहीं आ रहा | Period Late

Medically reviewed by
Gynecologist & IVF Specialist
Vinsfertility Hospital 18+ years of experience in reproductive medicine • 1,000+ successful live births
MBBS DGO DNB (Obstetrics & Gynaecology) Fertility Specialist
This content is reviewed for medical accuracy and patient-awareness purposes. It does not replace a personal consultation with a fertility specialist.

मासिक धर्म (Periods) का नियमित समय पर आना महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। हालांकि, कई बार किसी महिला का 1 महीने से पीरियड नहीं आता या पीरियड अचानक लेट हो जाता है। ऐसी स्थिति में घबराना स्वाभाविक है, लेकिन हर बार इसका मतलब गर्भावस्था (Pregnancy) नहीं होता। कई मामलों में हार्मोनल असंतुलन, PCOS, थायरॉइड, तनाव, अचानक वजन बढ़ना या घटना, अत्यधिक व्यायाम, खराब खान-पान और कुछ दवाओं के कारण भी पीरियड मिस हो सकते हैं।

यदि आप यौन सक्रिय हैं, तो सबसे पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करना चाहिए। वहीं, अगर टेस्ट नेगेटिव आता है और फिर भी 1 महीने से पीरियड नहीं आया है, तो इसके पीछे का वास्तविक कारण जानने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श लेना जरूरी है। समय पर जांच और सही उपचार से अधिकांश मामलों का समाधान संभव है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि 1 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें, इसके संभावित कारण क्या हैं, कब डॉक्टर से मिलना चाहिए, कौन-से घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं और किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

यदि प्रेग्नेंसी टेस्ट नेगेटिव आने के बाद भी पीरियड नहीं आ रहा है और लंबे समय से गर्भधारण में परेशानी हो रही है, तो सरोगेसी एक सुरक्षित और कानूनी विकल्प हो सकता है। ऐसे में भारत में सरोगेसी की लागत और बैंगलोर में सरोगेसी की लागत के बारे में जानकारी प्राप्त करना और अनुभवी फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेना आपके लिए लाभदायक हो सकता है।

पीरियड्स मिस होने के कारण

  • गर्भावस्था- अगर आप शादीशुदा हैं और यौन संबंध बना चुकी हैं, तो गर्भावस्था एक प्रमुख कारण हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान मासिक धर्म रुक सकता है, इसलिए सबसे पहले आपको प्रेगनेंसी टेस्ट करवाना चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

  • हार्मोनल असंतुलन – एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का असंतुलन पीरियड्स को अनियमित कर सकता है।

  • तनाव और मानसिक स्वास्थ्य – अत्यधिक तनाव, नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या पीरियड लेट कर सकती है।

  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)- जब AFAB वाले लोगों में पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) का उच्च स्तर होता है, तो उन्हें पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)का निदान किया जा सकता है। हार्मोनल असंतुलन के कारण, सिस्ट (द्रव की असामान्य जेब) अक्सर अंडाशय पर बनते हैं और ओव्यूलेशन को रोकते हैं।

  • थायरॉइड की समस्या – हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों ही पीरियड को प्रभावित कर सकते हैं।

  • अचानक वजन में बदलाओ - बहुत अधिक वजन बढ़ना या घटना हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है।

  • बहुत ज़्यादा व्यायाम करना- जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करने से हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं, जिससे पीरियड अनियमित हो सकते हैं।

  • अनियमित खानपान – जंक फूड और पोषण की कमी से हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं।

  • गर्भनिरोधक गोली लेना- कुछ महिलाओं में गर्भनिरोधक दवाओं के कारण पीरियड्स में देरी हो सकती है।

  • स्तनपान
     

क्या करें अगर एक महीने से पीरियड नहीं आया?

अगर आपके पीरियड्स में एक महीने से ज्यादा की देरी हो रही है, तो आपको घबराने की बजाय कुछ सरल कदम उठाने चाहिए। यह स्थिति कई कारणों से हो सकती है, और यहां कुछ ऐसे तरीके हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं:
 

  1. प्रेग्नेंसी टेस्ट करें- सबसे पहले, घर पर प्रेग्नेंसी किट से टेस्ट करें। अगर रिजल्ट पॉजिटिव आता है, तो आपको गर्भवती होने की संभावना हो सकती है। इस स्थिति में डॉक्टर से मिलकर सही सलाह लें और आगे की प्रक्रिया समझें।

  2. तनाव कम करें- मानसिक और शारीरिक तनाव पीरियड्स को अनियमित बना सकता है। इसलिए अपनी दिनचर्या में मेडिटेशन, योग और आराम को शामिल करें। अच्छी नींद से भी मानसिक शांति मिलती है, जिससे हॉर्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

  3. संतुलित आहार लें- पौष्टिक आहार जैसे फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। यह आपके शरीर को जरूरी पोषण देता है, जिससे पीरियड्स नियमित रह सकते हैं। आयरन और विटामिन B12 से भरपूर आहार, जैसे हरी पत्तेदार सब्जियाँ और मांसाहारी उत्पाद, रक्तचाप को स्थिर बनाए रखते हैं।

  4. व्यायाम को संतुलित करें- हल्का व्यायाम जैसे योग, तेज़ चलना या साइकिल चलाना शरीर को सक्रिय बनाए रखता है और पीरियड्स को नियमित कर सकता है। हालांकि, अत्यधिक व्यायाम से बचें, क्योंकि यह हॉर्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है।

  5. धूम्रपान और शराब से बचें- धूम्रपान और शराब का सेवन हॉर्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है, जो पीरियड्स में देरी का कारण हो सकता है। इसलिए इन आदतों से बचना जरूरी है।

  6. कैफीन और जंक फूड से बचें- अत्यधिक कैफीन और जंक फूड भी हॉर्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकते हैं। इनसे परहेज करें ताकि आपके पीरियड्स सही समय पर आ सकें।

  7. मासिक धर्म ट्रैक करें- अपने पीरियड्स को ट्रैक करने के लिए किसी ऐप या डायरी का उपयोग करें। इससे आपको अपनी माहवारी की स्थिति के बारे में सही जानकारी मिलेगी और आप असामान्यता को जल्दी पहचान सकती हैं।

  8. डॉक्टर से सलाह लें- अगर ऊपर दिए गए उपायों के बावजूद भी पीरियड्स में कोई असामान्यता बनी रहती है, तो यह समय है कि आप डॉक्टर से मिलें। कभी-कभी PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम), थायरॉयड विकार, या हॉर्मोनल असंतुलन जैसे स्वास्थ्य समस्याएं पीरियड्स को प्रभावित कर सकती हैं। डॉक्टर से सही जांच करवाकर आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं।
     

1 महीने से पीरियड नहीं आया तो क्या करें घरेलू उपाय

अगर आपके पीरियड्स में देरी हो रही है और आप उन्हें प्राकृतिक तरीके से लाना चाहती हैं, तो कुछ घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं। यहां कुछ सरल और असरदार उपाय दिए गए हैं, जिन्हें आप अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकती हैं:

1. अदरक और गुड़ की चाय

अदरक शरीर को अंदर से गर्म करता है और गुड़ पीरियड्स को नियमित करने में मदद करता है। यह चाय पीने से शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है और पीरियड्स जल्दी आ सकते हैं।

2. पपीता और अनानास

पपीता और अनानास जैसे फल मासिक धर्म को लाने में सहायक होते हैं, क्योंकि इनमें ऐसे एंजाइम होते हैं जो शरीर में हॉर्मोनल संतुलन बनाने में मदद करते हैं।

3. मेथी और अजवाइन का पानी

मेथी और अजवाइन का पानी शरीर को डिटॉक्स करता है और पीरियड्स को नियमित करने में मदद करता है। यह पेट के लिए भी फायदेमंद होता है।

4. हल्दी वाला दूध

हल्दी को दूध में डालकर पीने से शरीर अंदर से गर्म होता है और हॉर्मोन बैलेंस में मदद मिलती है, जो पीरियड्स को लाने में सहायक हो सकता है।

5. तिल और गुड़

तिल के बीज और गुड़ खाने से शरीर में गर्मी बढ़ती है, जो पीरियड्स को नियमित करने में मदद करता है। इसे अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
 

संतुलित आहार जो पीरियड्स को नियमित करने में मदद कर सकता है

आपका आहार भी आपके पीरियड्स पर प्रभाव डाल सकता है। यहां कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं:

  1. फाइबर युक्त आहार- साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां और फल खाने से शरीर का डिटॉक्स होता है और पीरियड्स नियमित हो सकते हैं।

  2. प्रोटीन युक्त आहार- दालें, बीन्स, पनीर, और नट्स हार्मोनल संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे पीरियड्स नियमित हो सकते हैं।

  3. आयरन और फोलिक एसिड- चुकंदर, अनार, पालक, और सूखे मेवे आयरन और फोलिक एसिड की कमी को दूर करते हैं, जो पीरियड्स को नियमित करने में मदद कर सकते हैं।

  4. ओमेगा-3 फैटी एसिड- अलसी के बीज, अखरोट और मछली खाने से हार्मोनल संतुलन बेहतर होता है, जिससे पीरियड्स पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

  5. हर्बल चाय- कैमोमाइल, दालचीनी और तुलसी की चाय पीने से मासिक धर्म को नियमित करने में मदद मिल सकती है

 

पीरियड्स पर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रभाव

कई स्वास्थ्य समस्याएं ऐसी होती हैं, जो पीरियड्स को प्रभावित कर सकती हैं। अगर आप भी माहवारी में किसी तरह की असामान्यता महसूस कर रही हैं, तो यह जानकारी आपके लिए मददगार हो सकती है

  • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)- PCOS एक सामान्य हॉर्मोनल असंतुलन है, जिसमें अंडाशय में छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं। यह स्थिति महिलाओं में अनियमित पीरियड्स का कारण बन सकती है।

  • थायरॉयड विकार(Thyroid)- थायरॉयड ग्रंथि शरीर के हॉर्मोनल संतुलन को नियंत्रित करती है। हाइपोथायरायडिज़म (थायरॉयड का कम काम करना) और हाइपरथायरायडिज़म (थायरॉयड का ज्यादा काम करना) दोनों ही पीरियड्स पर असर डाल सकते हैं।

  • यूटेराइन फाइब्रॉइड्स(Uterine Fibroids)- गर्भाशय में गांठों की उपस्थिति यानी यूटेराइन फाइब्रॉइड्स भी पीरियड्स पर असर डाल सकते हैं। इससे पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव, दर्द और समय से पहले या बाद में रक्तस्राव हो सकता है। इन गांठों की वजह से गर्भधारण में भी मुश्किल हो सकती है।

  • डायबिटीज(Diabetes)- डायबिटीज यानी मधुमेह भी पीरियड्स को प्रभावित कर सकता है। यदि रक्त में शर्करा का स्तर अधिक है, तो यह हॉर्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहने पर आपके मासिक चक्र को प्रभावित कर सकती है।

  • उच्च रक्तचाप (Hypertension)- उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) भी पीरियड्स पर असर डाल सकता है। यह रक्त संचार और हॉर्मोनल संतुलन को प्रभावित करता है, जिसके कारण पीरियड्स में देरी हो सकती है।

 

पीरियड आने के संकेत

 
पीरियड्स (माहवारी) के दौरान महिलाओं को कुछ सामान्य लक्षण और संकेत होते हैं। इन लक्षणों को पहचानकर आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से समझ सकती हैं।
  • ऐंठन (Cramps)- पीरियड्स के दौरान पेट में हल्का या तेज ऐंठन होना सामान्य है। यह ऐंठन गर्भाशय के सिकुड़ने के कारण होता है।

  • रक्तस्राव (Bleeding)- पीरियड्स के दौरान रक्तस्राव का सामान्य स्तर 3-7 दिन तक होता है। अगर रक्तस्राव ज्यादा या कम हो, तो यह असामान्यता का संकेत हो सकता है।

  • मूड स्विंग्स (Mood Swings)- हॉर्मोनल बदलावों के कारण पीरियड्स के दौरान चिड़चिड़ापन, गुस्सा या उदासी महसूस हो सकती है।

  • थकान (Fatigue)- पीरियड्स के दौरान महिलाओं को थकान महसूस हो सकती है, जिससे वे सुस्त और कमजोर महसूस करती हैं।

  • सिरदर्द (Headaches)- पीरियड्स के दौरान हल्का सिरदर्द सामान्य होता है।

  • पीठ दर्द (Back Pain)- पीरियड्स के दौरान निचली पीठ में दर्द हो सकता है।

  • स्तनों में सूजन (Breast Tenderness)- पीरियड्स से पहले और दौरान स्तनों में हलकी सूजन या दर्द हो सकता है

 

यदि प्राकृतिक रूप से गर्भधारण संभव नहीं हो पा रहा है, तो IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक प्रभावी उपचार विकल्प हो सकता है। ऐसे में, दिल्ली में IVF की लागत और रांची में IVF की लागत की जानकारी लेकर अपने बजट और आवश्यकताओं के अनुसार सही फर्टिलिटी क्लिनिक का चयन करना लाभदायक हो सकता है।

 

पीरियड मिस होने पर कब डॉक्टर से संपर्क करें –

ज्यादातर मामलों में, मासिक धर्म के मिस होने के पीछे की वजहें इलाज योग्य होती हैं। अपने पीरियड्स को ट्रैक करना ज़रूरी है, ताकि समय पर सही इलाज मिल सके। वे आपके लक्षणों की जांच करेंगे और ज़रूरत पड़ने पर कुछ परीक्षण भी करा सकते हैं।
  • अगर लगातार दो से तीन महीने तक पीरियड न आए।

  • अत्यधिक पेट दर्द या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हों।

  • पहले से पीसीओएस, थायरॉइड या अन्य हार्मोनल समस्याएं हों।

 

क्या भविष्य में कम पीरियड्स होने से कोई समस्या हो सकती है

पीरियड्स में बदलाव आना एक सामान्य बात हो सकती है, लेकिन अगर आपके पीरियड्स पहले से कम हो गए हैं या हल्के हो गए हैं, तो आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई कारण हो सकते हैं, जिससे यह बदलाव आता है, और कभी-कभी यह आपकी सेहत से जुड़ी कुछ समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। तो चलिए, जानते हैं कि कम पीरियड्स होने पर क्या हो सकता है।
  • गर्भधारण में मुश्किलें(Difficulty Conceiving)- कम पीरियड्स का मतलब यह नहीं है कि आप गर्भवती नहीं हो सकतीं, लेकिन अगर आप लंबे समय से गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं और पीरियड्स बहुत हल्के हैं, तो यह ओवुलेशन में समस्याओं का संकेत हो सकता है। ओवुलेशन न होने की स्थिति में गर्भधारण मुश्किल हो सकता है।

  • पोषण की कमी(Nutritional Deficiencies)- अगर आपके शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो, तो भी पीरियड्स में बदलाव आ सकता है। खासकर आयरन और फोलिक एसिड जैसे तत्वों की कमी से पीरियड्स कम हो सकते हैं, और यह आपकी सेहत पर भी असर डाल सकता है।

  • गर्भाशय और अंडाशय से जुड़ी समस्याएं(Uterus or Ovarian Issues)- फाइब्रॉइड्स, सिस्ट या अन्य समस्याएं भी पीरियड्स को कम कर सकती हैं। यह अगर बिना इलाज के बढ़ता है तो और भी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।


निष्कर्ष

अगर 1 महीने से पीरियड नहीं आया है, तो सबसे पहले घबराने के बजाय इसकी वजह जानने की कोशिश करें। पीरियड मिस होने के सामान्य कारणों में प्रेग्नेंसी, हार्मोनल असंतुलन, PCOS, थायरॉइड, तनाव, वजन में बदलाव या कुछ दवाओं का प्रभाव शामिल हो सकता है। यदि आप यौन सक्रिय हैं, तो सबसे पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करें। साथ ही, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और तनाव कम करने जैसी स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी लाभदायक हो सकता है।

हालांकि, यदि 1 महीने से अधिक समय तक पीरियड नहीं आता, बार-बार पीरियड मिस हो रहे हैं, या इसके साथ तेज दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, असामान्य डिस्चार्ज या अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो बिना देरी किए स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श लें। समय पर जांच और सही उपचार से अधिकांश मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा सकता है।
 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. बिना प्रेग्नेंट हुए पीरियड कितना लेट हो सकता है?

तनाव, हार्मोनल बदलाव, PCOS, थायरॉइड या वजन में बदलाव के कारण पीरियड कुछ दिनों से लेकर कई सप्ताह तक लेट हो सकता है.
Source: https://www.nhs.uk/conditions/periods/

2. अगर मेरा पीरियड 20 दिन लेट हो जाए तो मुझे क्या करना चाहिए?

यदि आप यौन सक्रिय हैं तो सबसे पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करें। टेस्ट नेगेटिव होने पर भी पीरियड न आए तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
Source: https://my.clevelandclinic.org/health/articles/10132-menstrual-cycle

3. रुकी हुई माहवारी कैसे चालू करें?

माहवारी का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें और पहले सही कारण की जांच कराएं।
Source: https://medlineplus.gov/menstruation.html

4. क्या खाने से पीरियड जल्दी आता है?

संतुलित आहार, विटामिन C युक्त फल और पर्याप्त पोषण हार्मोनल स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं, लेकिन किसी भोजन से तुरंत पीरियड आने की गारंटी नहीं होती।
Source: https://www.acog.org/womens-health

5. आपको कैसे पता चलेगा कि आप बिना मासिक धर्म के गर्भवती हैं?

पीरियड मिस होना, मतली, स्तनों में दर्द, थकान और बार-बार पेशाब आना शुरुआती गर्भावस्था के संकेत हो सकते हैं। पुष्टि के लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट करें।
Source: https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/getting-pregnant/in-depth/pregnancy-symptoms/art-20043853

6. घर पर कैसे पता करें कि प्रेग्नेंट हैं या नहीं?

पीरियड मिस होने के बाद सुबह के पहले यूरिन से होम प्रेग्नेंसी टेस्ट करना सबसे आसान तरीका है।
Source: https://medlineplus.gov/pregnancytests.html

7. Period miss होने के कितने दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं?

कई महिलाओं में पीरियड मिस होने के 1–2 सप्ताह के भीतर शुरुआती गर्भावस्था के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
Source: https://www.nhs.uk/pregnancy/trying-for-a-baby/signs-and-symptoms-of-pregnancy/

8. पीरियड तुरंत लाने के लिए कौन सी टेबलेट है?

पीरियड लाने की दवा केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए, क्योंकि इसका चयन पीरियड लेट होने के कारण पर निर्भर करता है।
Source: https://www.acog.org/womens-health

9. पीरियड जल्दी लाने के लिए 4 घरेलू उपाय क्या हैं?

तनाव कम करें, संतुलित आहार लें, नियमित हल्का व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें। ये उपाय हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
Source: https://www.who.int/health-topics/reproductive-health

10. पीरियड मिस होने के 7 दिन बाद भी नेगेटिव आए तो क्या समझें?

यदि टेस्ट नेगेटिव है लेकिन पीरियड नहीं आया, तो 2–3 दिन बाद दोबारा टेस्ट करें या डॉक्टर से जांच कराएं।
Source: https://www.mayoclinic.org/tests-procedures/home-pregnancy-tests/about/pac-20393290

11. कौन सा घरेलू उपाय आपके पीरियड पर लाता है?

कोई भी घरेलू उपाय तुरंत और निश्चित रूप से पीरियड नहीं ला सकता। यदि पीरियड बार-बार मिस हो रहे हैं तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
Source: https://my.clevelandclinic.org/health/articles/10132-menstrual-cycle

12. अगर मैं प्रेग्नेंट नहीं हूं तो मुझे पीरियड्स क्यों नहीं आ रहे हैं?

हार्मोनल असंतुलन, PCOS, थायरॉइड, तनाव, अत्यधिक व्यायाम या वजन में बदलाव इसके सामान्य कारण हो सकते हैं।
Source: https://medlineplus.gov/amenorrhea.html

13. Normal period कितने दिन रहना चाहिए?

सामान्यतः पीरियड 2 से 7 दिनों तक रहता है, हालांकि यह हर महिला में अलग हो सकता है।
Source: https://www.nhs.uk/conditions/periods/

14. पीरियड्स आने के लिए कौन सा फल सबसे अच्छा है?

पपीता, अनानास और विटामिन C से भरपूर फल स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं, लेकिन इनके पीरियड जल्दी लाने के प्रमाण सीमित हैं।
Source: https://www.acog.org/womens-health

15. पीरियड लेट हो गया है तो क्या करें?

यदि पीरियड कुछ दिनों से लेट है तो पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और समस्या बनी रहने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
Source: https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/amenorrhea

16. बिना प्रेग्नेंट हुए पीरियड कितना लेट हो सकता है?

पीरियड्स आमतौर पर 21 से 35 दिनों के बीच आते हैं, लेकिन कभी-कभी यह 5–7 दिन लेट हो सकते हैं। अगर यह ज्यादा देर तक लेट हो तो इसके पीछे कोई कारण हो सकता है।
Source: https://my.clevelandclinic.org/health/articles/10132-menstrual-cycle

17. रुके हुए पीरियड को कैसे चालू करें?

हॉर्मोनल उपचार, तनाव कम करना, संतुलित आहार और स्वस्थ वजन बनाए रखना मददगार हो सकता है। समस्या बनी रहने पर डॉक्टर से सलाह लें।
Source: https://medlineplus.gov/amenorrhea.html

18. महीने तक पीरियड ना आए तो क्या होता है?

अगर पीरियड एक महीने तक नहीं आते, तो यह गर्भावस्था, हॉर्मोनल असंतुलन, तनाव, PCOS या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।
Source: https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/amenorrhea

19. अगर मेरा पीरियड 20 दिन लेट हो जाए तो मुझे क्या करना चाहिए?

सबसे पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट करें, आवश्यकता होने पर दोबारा टेस्ट करें, हार्मोनल जांच करवाएं और यदि पीरियड न आए तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
Source: https://www.acog.org/womens-health/topics/menstruation

Portrait of Dr. Sunita Singh Rathore, Gynecologist and IVF Specialist
Medical reviewer

Gynecologist & IVF Specialist | 18+ Years Experience | 1,000+ Successful Live Births

Dr. Sunita Singh Rathore is an experienced women’s health and fertility specialist associated with Vinsfertility. She reviews reproductive health content for medical accuracy, patient clarity, and alignment with current fertility care practices.

Her areas of focus include IVF, infertility assessment, ovulation disorders, reproductive counselling, and treatment planning for couples exploring assisted reproductive options.

MBBS DGO DNB (Obstetrics & Gynaecology) Fertility Specialist
This article has been medically reviewed for educational and awareness purposes. It should not be considered a substitute for an in-person consultation, diagnosis, or treatment plan from a qualified fertility specialist.
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